अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। आगामी मुहर्रम-उल-हराम के पवित्र महीने को ध्यान में रखते हुए कश्मीर स्कूल शिक्षा निदेशालय ने घाटी के सभी सरकारी और मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों के लिए एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत 23 जून से 27 जून तक सभी कक्षाओं की आंतरिक परीक्षाओं, घरेलू आकलनों और टर्म परीक्षाओं के आयोजन पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।
शिक्षा निदेशालय ने सभी शैक्षणिक संस्थानों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि इस आदेश का उल्लंघन करने या इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बरतने पर संबंधित नियमों के तहत सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इससे पहले शिक्षा मंत्री सकीना इत्तू ने अपने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट में कहा कि यह अहम फैसला जडीबल के विधायक तनवीर सादिक के अनुरोध और जनता से मिले ज्ञापनों पर विचार करने के बाद लिया गया है। कश्मीर घाटी में 23 से 27 जून के दौरान बड़ी संख्या में धार्मिक जुलूस (जुलूस-ए-अजा) निकाले जाते हैं और मजलिसों का आयोजन होता है।
इस दौरान सड़कों पर भारी भीड़, ट्रैफिक डायवर्जन और मार्ग बंद होने की वजह से छात्रों को स्कूल पहुंचने और परीक्षा में शामिल होने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता था। इसी असुविधा को दूर करने और मुहर्रम की पवित्रता को बनाए रखने के लिए शिक्षा विभाग ने परीक्षाओं को टालने का निर्णय लिया है ताकि छात्र बिना किसी परेशानी के अपनी धार्मिक गतिविधियों में शामिल हो सकें। विधायक तनवीर सादिक ने इस संवेदनशील मामले पर तुरंत संज्ञान लेने के लिए शिक्षा मंत्री सकीना इत्तू का दिल से आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री ने 24 से 27 जून (7वें मुहर्रम से 10वें मुहर्रम यानी आशूरा) के बीच होने वाली महत्वपूर्ण परीक्षाओं को रीशेड्यूल के अनुरोध को सकारात्मक रूप से स्वीकार किया।
इस विचारशील फैसले से उन हजारों छात्रों और अभिभावकों को बड़ी राहत मिलेगी जो मुहर्रम के दौरान बंद रास्तों और यातायात की समस्याओं को लेकर चिंतित थे। विभाग ने सभी संबंधित संस्थानों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन करने को कहा है।