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Srinagar News: शिक्षक सुफीना बानो देश के टॉप 10 टीचिंग इनोवेटर्स में हुईं शामिल

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अवार्ड के साथ सफीना बानो। संवाद
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अमृतपाल सिंह बाली
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श्रीनगर। उत्तरी कश्मीर के सोपोर की शिक्षिका सुफीना बानो को नेशनल टीएलएम (टीचिंग-लर्निंग मटीरियल्स) लीग 2025 में टॉप-10 में जगह बनाने के बाद नेशनल टीएलएम चैंपियन के तौर पर सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली में कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में हुए ग्रैंड फिनाले का आयोजन भारती एयरटेल फाउंडेशन की एक पहल द टीचर ऐप द्वारा केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और राज्य शिक्षा विभाग के साथ पार्टनरशिप में किया गया था।



बानो ने अमर उजाला के साथ फोन पर बात करते हुए बताया कि टीचिंग-लर्निंग मटीरियल्स (टीएलएम) में उनके नवाचार पूरे भारत से 5,000 से ज्यादा एंट्रीज में सबसे अलग था। सिर्फ 36 प्रतिभागी एक मुश्किल तीन-स्तरीय चयन प्रक्रिया से गुज़रकर फाइनल स्टेज तक पहुंचे जहां आखिर में दस को नेशनल चैंपियन घोषित किया गया। उन्होंने बताया कि वह जम्मू-कश्मीर की अकेली शिक्षिका थीं जिन्होंने प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए इसमें भाग लिया। उन्होंने यह भी बताया कि इसमें कर्नाटक, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, झारखंड, दिल्ली और पंजाब के शिक्षकों को भी टॉप-10 चैंपियंस में स्थान प्राप्त हुआ।
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इवेंट से जुड़े सूत्रों ने बताया कि नेशनल टीएलएम चैंपियन के तौर पर सुफीना बानो को एक पूरा प्राइज पैकेज मिला जिसमें अवॉर्ड, कैश प्राइज, सप्लीमेंट्री गिफ्ट, हवाई यात्रा, रहने और मेहमाननवाज़ी की व्यवस्था शामिल थी। बानो को इवेंट के डिस्कशन सेगमेंट के दौरान एक खास पैनलिस्ट के तौर पर भी आमंत्रित किया गया था जहाँ उन्होंने एजुकेशनल इनोवेशन पर अपनी राय साझा की और राष्ट्रीय स्तर पर जम्मू-कश्मीर के शिक्षकों की आवाज़ का प्रतिनिधित्व किया।



सुफीना ने अपनी 12 साल की यात्रा के बारे में बताया और शिक्षा की बदलाव लाने वाली शक्ति पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि मैं प्रभाव के भागीदारी वाले स्वभाव में विश्वास करती हूँ क्योंकि छात्रों के जीवन को आकार देने में उनकी भागीदारी सबसे ज़रूरी है। मैं खुद को बदलाव लाने के लिए कभी भी बहुत छोटा नहीं समझती। मेरा जुनून ही मेरी ऊर्जा का सोर्स है और पढ़ाना ही मेरा जुनून है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने समर्पण और कड़ी मेहनत की पहचान मिलने से उत्साहित सुफीना कहती हैं कि छात्रों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता कक्षा से कहीं ज्यादा है।



उन्होंने कहा कि एक शिक्षक को हमेशा खुद को सकारात्मक बदलाव लाने वाले के तौर पर देखना चाहिए और छात्रों को एक अच्छा इंसान बनाने की कोशिश करनी चाहिए। उनके उत्साह और समर्पण ने उन्हें न सिर्फ़ एक बेहतरीन शिक्षक बल्कि एक मेंटर और लीडर के तौर पर भी प्रशंसा दिलाई है। सुफीना के लिए पढ़ाना एक ऐसा पेशा है जो रोमांच और एडवेंचर से भरा है। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक के तौर पर मैं नई चीज़ें खोजना, खुद को अपडेट करना, चीज़ों को सीखना और भूलना अपनी ताकत मानती हूँ और मैं खुद को और अपने छात्रों को भरोसा दिलाती हूँ कि हम दूसरों से अलग तरीके से काम कर सकते हैं।



सम्मान समारोह में कई सीनियर अधिकारी मौजूद थे जिनमें लेफ्टिनेंट कर्नल जितेंद्र वर्मा (ओएसडी, शिक्षा और कौशल विकास, नीति आयोग), मनोज कुमार श्रीवास्तव (निदेशक – प्रशिक्षण, सीबीएसई), अरुण कपूर (निदेशक, पल्लवन लर्निंग सिस्टम्स) और राकेश भारती मित्तल (उपाध्यक्ष, भारती एंटरप्राइजेज और भारती एयरटेल फाउंडेशन) शामिल थे।
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अभी तक 50 से अधिक अवॉर्ड जीत चुकी हैं सुफीना



श्रीनगर। सुफीना के अनुसार वर्ष 2012 से शिक्षा विभाग में अपनी शानदार यात्रा के दौरान उन्होंने युवा दिमागों को आकार देने के लिए लगभग 50 पुरस्कार जीते हैं। इसमें जम्मू-कश्मीर बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन का सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार 2023 भी शामिल है जो कि 5 सितंबर 2023 को उन्हें जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा द्वारा दिया गया था। इसके अलावा सुफीना बानो को ग्लोबल एम्पायर द्वारा प्रतिष्ठित वुमन मेंटर ऑफ द ईयर-2023-आइकन्स ऑफ एशिया अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। अन्य कई सम्मान भी उनकी झोली में हैं जिनकी एक लंबी फेहरिस्त है।
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