- एथलीट और कोच के तौर पर बेहतरीन योगदान के लिए मिला सम्मान
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। भारत में पेंचक सिलाट के विकास में अहम भूमिका निभाने वाले मोहम्मद इकबाल को जम्मू और कश्मीर सरकार ने गणतंत्र दिवस पर एथलीट और कोच के तौर पर राज्य पुरस्कार से सम्मानित किया। उन्हें यह सम्मान उनके असाधारण समर्पण, अनुशासन, खेल और युवा जुड़ाव में आजीवन योगदान और राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके एथलीटों के शानदार प्रदर्शन को देखते हुए दिया गया।
श्रीनगर के रहने वाले मोहम्मद इकबाल को कश्मीर में पेंचक सिलाट का जनक माना जाता है। वह वर्तमान में राष्ट्रीय कोच के रूप में कार्यरत हैं। पिछले एक दशक में उन्होंने जम्मू-कश्मीर सहित पूरे देश में इस मार्शल आर्ट को संस्थागत, लोकप्रिय और पेशेवर बनाने में निर्णायक भूमिका निभाई है।
महज नौ साल की उम्र में मोहम्मद इकबाल ने मार्शल आर्ट्स का अभ्यास शुरू किया था। उन्होंने 2010 में कोरिया में पेंचक सिलाट सीखने से पहले विभिन्न मार्शल आर्ट्स में शुरुआती ट्रेनिंग ली थी। तब से उन्होंने खुद को एथलीट ट्रेनिंग, कोचिंग, इवेंट ऑर्गनाइजेशन और स्थायी खेल इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के लिए समर्पित कर दिया।
उनके नेतृत्व में पेंचक सिलाट का विस्तार हुआ है जिसमें 20,000 से अधिक बच्चों और युवाओं ने भाग लिया। उनके प्रयासों से लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियां हासिल हुई हैं जिसमें 2018 के एशियाई खेलों में राष्ट्रीय कोच के रूप में पेंचक सिलाट में भारत की पहली भागीदारी शामिल है। उन्होंने विश्व, एशियाई और अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में भारतीय दल को भी कोचिंग दी और श्रीनगर में कई राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर सफलतापूर्वक आयोजित किए हैं।
राष्ट्रीय कोच के रूप में अपनी भूमिका के अलावा मोहम्मद इकबाल वर्तमान में जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल में कोच के रूप में भी कार्यरत हैं। इंडोर हॉल, इलाही बाग श्रीनगर में संचालन की देखरेख करते हैं जिससे केंद्र शासित प्रदेश में एथलीट विकास और खेल प्रशासन में महत्वपूर्ण योगदान मिल रहा है।
मोहम्मद इकबाल ने आभार व्यक्त किया और क्षेत्र में खेलों की सफलता का श्रेय स्पोर्ट्स काउंसिल की सचिव नुजहत गुल के सामूहिक प्रयासों को दिया। केंद्र शासित प्रदेश के खेल इको सिस्टम को मजबूत करने में उनके निरंतर समर्थन और दूरदर्शी नेतृत्व के लिए जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री और खेल मंत्री को भी हार्दिक धन्यवाद दिया।
उन्होंने कहा, जम्मू और कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल युवाओं के लिए लगातार काम कर रही है। प्रदेश के हर कोने में एथलीटों के लिए मौके बना रही है और ट्रेनिंग की सुविधाएं दे रही है। यह अवॉर्ड जितना मेरा है, उतना ही उन एथलीटों और संस्थानों का भी है जो खेल की ताकत में विश्वास करते हैं।