स्कॉस्ट में ऑयस्टर मशरूम की स्पॉन और रेडी-टू-फ्रूट बैग्स पर लगी कार्यशाला
श्रीनगर। शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (स्कॉस्ट) ने शुक्रवार को ऑयस्टर मशरूम की स्पॉन और रेडी-टू-फ्रूट बैग्स विषय पर शुक्रवार को एक उन्नत उद्यमिता एवं कौशल विकास कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान छात्रों से कहा गया कि वे कौशल का उपयोग प्रतिस्पर्धी बाजार में अपनी अलग पहचान बनाने के लिए करें।
यह एक सप्ताह का कार्यक्रम स्कॉस्ट-के के प्लांट पैथोलॉजी विभाग की ओर से आयोजित किया गया है और भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) द्वारा प्रायोजित है। इसका उद्देश्य महत्वाकांक्षी छात्रों और किसानों को सफल उद्यमी बनाने में मदद करना है। उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता स्कॉस्ट के निदेशक अनुसंधान एवं निदेशक योजना एवं निगरानी प्रो. हारून नाइक, निदेशक विस्तार प्रो. रेहाना कांत और प्लांट पैथोलॉजी विभाग के प्रमुख प्रो. अली अनवर ने की।
प्रो. हारून नाइक ने एमएसएमई प्रायोजित पहलों के माध्यम से अगली पीढ़ी के उद्यमियों को तैयार करने में स्कॉस्ट-के की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने विश्वविद्यालय के उपकुलपति प्रो. नजीर ए गनी के दूरदर्शी नेतृत्व को श्रेय देते हुए कहा कि कौशल-आधारित कार्यक्रमों पर उनका फोकस क्षेत्र के युवाओं के लिए नए अवसर खोल रहा है जिससे विश्वविद्यालय एक प्रमुख कृषि संस्थान के रूप में तेजी से उभर रहा है। प्रो. रेहाना कांत ने इस प्रशिक्षण को सफलता का द्वार करार देते हुए प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे कौशल का उपयोग स्थायी आजीविका सृजन के लिए करें। संवाद