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Srinagar News: भीषण गर्मी के बीच श्रीनगर में गहराया जल संकट, डाउनटाउन से लेकर अपटाउन तक हाहाकार

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- विभाग ने कहा कि जल आपूर्ति के लिए रोजाना भेजे जा रहे हैं 10 से 20 टैंकर
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। कश्मीर घाटी में जारी भीषण गर्मी और बढ़ते पारे के बीच ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर के कई हिस्सों में पीने के पानी का संकट गहरा गया है। इससे स्थानीय निवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। श्रीनगर के डाउनटाउन और अपटाउन दोनों क्षेत्रों के कई मोहल्लों में पेयजल आपूर्ति ठप होने से आम जनजीवन पूरी तरह पटरी से उतर गया है।
शहर के हब्बा कदल, फतेह कदल, चोटा बाजार, गुरु बाजार, करफली मोहल्ला, कमरवारी और इसके आस-पास के इलाकों के साथ-साथ करण नगर, बटमालू और नटीपोरा जैसे अपटाउन क्षेत्रों के निवासियों ने अपना दर्द बयां किया। उन्होंने कहा कि चिलचिलाती गर्मी के इस मौसम में पीने के पानी की लगातार किल्लत ने उन्हें बेहद लाचार बना दिया है। पिछले कई दिनों से नलों में पानी न आने या बहुत कम दबाव होने के कारण लोगों को निजी स्रोतों, पड़ोसियों या फिर बाजार से महंगे दामों पर पानी खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
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गुरु बाजार के निवासी लतीफ अहमद ने बताया कि उनके इलाके में पानी की कोई उचित व्यवस्था नहीं रह गई है और लोग बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। प्रशासन को बिना किसी देरी के आपूर्ति बहाल करनी चाहिए। वहीं हब्बा कदल के आशिक खान ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जल संकट ने जिंदगी के हर पहलू को प्रभावित किया है। घरों में नल कनेक्शन होने और नियमित बिल भरने के बावजूद अगर बाजार से पैकेज्ड पानी खरीदना पड़े तो ऐसी व्यवस्था का क्या फायदा।
इसके अलावा अन्य इलाकों के निवासियों ने भी आरोप लगाया कि बार-बार शिकायत करने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है और घरों में जमा पानी का स्टॉक भी अब पूरी तरह खत्म हो चुका है।
रोजाना पानी की किल्लत से जुड़ी 10 से 20 शिकायतें मिल रहीं
जब जल शक्ति विभाग के एक अधीक्षण अभियंता से संपर्क किया गया तो उन्होंने दावा किया कि पूरी जल आपूर्ति प्रणाली में कोई बड़ी या तकनीकी खराबी नहीं है। वहीं पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग (पीएचई) विंग के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि उनके शिकायत निवारण तंत्र को रोजाना पानी की किल्लत से जुड़ी 10 से 20 शिकायतें मिल रही हैं। सबसे अधिक शिकायतें दूधगंगा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से जुड़े क्षेत्रों जैसे रावलपोरा, राजबाग, कुरसू राजबाग और बटमालू बेल्ट से आ रही हैं। इन प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचाने के लिए विभाग की ओर से रोजाना 10 से 20 पानी के टैंकर भेजे जा रहे हैं। जहां तक डाउनटाउन का सवाल है, विभागीय स्तर पर वहां आपूर्ति की कोई बड़ी समस्या नहीं है।
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हालांकि परेशान नागरिकों ने जल शक्ति विभाग से मांग की है कि केवल टैंकरों के भरोसे रहने के बजाय नियमित जलापूर्ति का कोई स्थायी समाधान निकाला जाए, क्योंकि साफ पानी हर नागरिक की बुनियादी जरूरत है।
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