शब ए बरआत पर अपनों की कब्रों पर रोशनी करते लोग। संवाद
बारिश के बीच मस्जिदों में रातभर चला इबादत का दौर, दुनिया से जा चुके लोगों के लिए पढ़ी फातिहा
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। शब-ए-बरआत के मौके पर मंगलवार शाम को मगरिब की नमाज के बाद से मस्जिदों में इबादत का दौर शुरू हो गया। अकीदतमंदों ने रातभर जागकर इबादत की, नफिल, सिरातल तस्वीह और तहज्जुद की नमाजें पढ़ी। अपनी और अपने परिजन जो दुनिया से जा चुके हैं, उनकी मगफिरत के लिए दुआएं कीं। कब्रिस्तान जाकर अपनों की कब्रों पर रोशनी और खुशबू की और फातिहा पढ़ी।
श्रीनगर में मंगलवार रात से सुबह तक बूंदाबांदी हुई थी। मंगलवार शाम से हल्की बारिश शुरू हो गई। इसी बारिश के बीच शाम को मगरिब की नमाज के बाद मस्जिदों में इबादत शुरू हो गई। रात को इशा की नमाज के बाद मजलिस और तकरीरों का भी दौर शुरू हुआ। इस मुकद्दस रात को इबादत के लिए मस्जिदों को खास तौर से सजाया गया था और रोशनी की गई थी। रात में इबादत के दौरान लोग अपनों की कब्रों पर रोशनी करने और फातिहा पढ़ने कब्रिस्तान गए। यहां सुबह फज्र की नमाज तक चहल-पहल रही। हल्की बारिश के बीच भी कब्रिस्तान रोशन रहा।
हब्बा कदल के मोहम्मद आमिर ने बताया कि आज की मुकद्दस रात इबादत और माफी की दुआओं के लिए है। इस बार जामिया मस्जिद में नमाज का इरादा किया था, शाम को पता लगा कि वहां रोक लगा दी गई है। अब घर के एक मस्जिद में नमाज के लिए आए हैं। नफिल, सिरातल तस्वीह और तहज्जुद की नमाजें पढ़ेंगे। सुबह फज्र की नमाज के बाद फातिहा पढ़ने कब्रिस्तान जाएंगे। बारिश की वजह से थोड़ी परेशानी तो है लेकिन इबादत के जज्बे के आगे यह सभी चीजें छोटी हैं।