- कृषि निदेशक ने लाल मंडी में मशरूम डेवलपमेंट सेंटर का किया दौरा
- स्पॉन प्रोडक्शन सेंटर, पाश्चुरीकृत कंपोस्ट यूनिट और मशरूम रिसर्च लैबोरेटरी जांची
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। कश्मीर कृषि निदेशक सरताज अहमद शाह ने शुक्रवार को लाल मंडी स्थित इंटीग्रेटेड मशरूम डेवलपमेंट सेंटर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सेंटर के संचालन और कश्मीर संभाग में मशरूम की खेती को बढ़ावा देने के लिए चल रही पहलों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए कश्मीर में मशरूम की खेती में अत्यधिक संभावनाएं हैं।
दौरे के दौरान निदेशक ने सेंटर के प्रमुख विभागों का विस्तृत दौरा किया जिसमें स्पॉन प्रोडक्शन सेंटर, पाश्चुरीकृत कंपोस्ट यूनिट, मशरूम रिसर्च लैबोरेटरी और अन्य सुविधाएं शामिल थीं। उन्होंने अधिकारियों वैज्ञानिकों और तकनीकी कर्मचारियों के साथ विस्तार से बातचीत की ताकि सेंटर के संचालन, उत्पादन क्षमताओं और मशरूम किसानों को दी जा रही सहायता का मूल्यांकन किया जा सके।
आईएमडीसी एक महत्वपूर्ण सेवा प्रदान करता है। किसानों को उच्च-गुणवत्ता वाला स्पॉन, कंपोस्ट और तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए एक केंद्र के रूप में मशरूम फॉर्मिंग में अनुसंधान और व्यावहारिक अनुप्रयोग के बीच की खाई को पाट रहा है। घाटी में मशरूम उगाने की विशाल संभावनाओं को उजागर करते हुए निदेशक ने जोर दिया कि कश्मीर की अनुकूल कृषि-जलवायु परिस्थितियां इसे व्यावसायिक मशरूम उत्पादन के लिए आदर्श बनाती हैं। उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने, कृषि उद्यमिता को बढ़ावा देने, रोजगार के अवसर पैदा करने और पोषण सुरक्षा में इसके योगदान को रेखांकित किया।
इस अवसर पर निदेशक ने कहा कि इंटीग्रेटेड मशरूम डेवलपमेंट सेंटर किसानों और कृषि विभाग के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। हम आधुनिक तकनीकों को पेश करने, गुणवत्ता वाले इनपुट की उपलब्धता सुनिश्चित करने और इस उच्च-मूल्य वाली फसल को व्यावसायिक बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं ताकि हमारे किसानों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार हो सके।