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फूल उत्पादन बढ़ाएं, गुणवत्ता पर फोकस करें और बाजार तक पहुंच बनाएं : कृषि निदेशक

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-कश्मीर के कृषि निदेशक ने लाल मंडी में प्रमुख योजनाओं का किया निरीक्षण, आगामी कृषि मौसम की तैयारियों की समीक्षा
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श्रीनगर। कश्मीर के कृषि निदेशक ने मंगलवार को लाल मंडी में प्रमुख योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि फूलों का उत्पादन बढ़ाएं। गुणवत्ता पर फोकस करें और बाजार तक पहुंच बनाना सुनिश्चित करें।
कृषि निदेशक सरताज अहमद शाह ने प्रमुख योजनाओं का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य फ्लोरीकल्चर डेवलपमेंट स्कीम, किचन गार्डन स्कीम और इंटीग्रेटेड मशरूम डेवलपमेंट सेंटर (आईएमडीसी) के तहत प्रगति का आकलन करना था। साथ ही आगामी कृषि मौसम की तैयारियों की समीक्षा करना था। निरीक्षण के दौरान निदेशक ने फ्लोरीकल्चर डेवलपमेंट स्कीम के विभिन्न सेक्शन का दौरा किया। यहां उन्होंने इंफ्रास्ट्रक्चर, नर्सरी संचालन और क्षेत्र में व्यावसायिक फूल उत्पादन तथा संबद्ध गतिविधियों को बढ़ावा देने वाली पहलों का मूल्यांकन किया।
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उन्होंने फूल उत्पादन बढ़ाने, गुणवत्ता मानकों को बेहतर बनाने और बाजार से जुड़ाव मजबूत करने पर जोर दिया ताकि सरकारी सहायता प्राप्त कार्यक्रमों के तहत किसानों की आय में वृद्धि हो सके। किचन गार्डन स्कीम के केंद्र में निदेशक ने बीज उत्पादन, वितरण व्यवस्था और घरेलू तथा सामुदायिक स्तर पर सब्जी खेती को प्रोत्साहित करने वाले प्रयासों की समीक्षा की। यह योजना ग्रामीण और शहरी घरों में ताजी सब्जियों की आत्मनिर्भरता, पोषण सुरक्षा और टिकाऊ घरेलू बागवानी को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
इंटीग्रेटेड मशरूम डेवलपमेंट सेंटर (आईएमडीसी) में निदेशक ने स्पॉन उत्पादन, कम्पोस्ट सुविधाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और मशरूम उत्पादकों को दी जा रही तकनीकी सहायता का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक्सटेंशन सेवाओं को मजबूत किया जाए और मशरूम खेती में रुचि रखने वाले किसानों को समय पर उच्च गुणवत्ता वाले इनपुट उपलब्ध कराए जाएं, क्योंकि यह एक उच्च मूल्य वाली कृषि गतिविधि है।

अधिकारियों और फील्ड स्टाफ से बातचीत के दौरान निदेशक ने आगामी कृषि मौसम की समग्र तैयारियों की समीक्षा की, जिसमें बीज, उर्वरक और रोपण सामग्री की उपलब्धता, कीट एवं रोग प्रबंधन रणनीतियां, मौसम-अनुकूलित अभ्यास तथा किसान संपर्क कार्यक्रम शामिल थे। उन्होंने उत्पादकता अधिकतम करने, फसलोपरांत नुकसान कम करने और विभागीय गतिविधियों को होलिस्टिक एग्रीकल्चर डेवलपमेंट प्रोग्राम (एचएडीपी) तथा अन्य योजनाओं के उद्देश्यों से जोड़ने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
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निदेशक ने लाल मंडी में कार्यरत स्टाफ की समर्पण भावना की सराहना की और कश्मीर संभाग में टिकाऊ कृषि के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए नवाचार, गुणवत्ता और किसान-केंद्रित सेवा प्रदान करने पर निरंतर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया।
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