- कई लोग और पर्यटक फंस, संबंधित जिलों के प्रशासन ने मदद के लिए कंट्रोल रूम स्थापित और हेल्पलाइन नंबर जारी किए
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। कश्मीर में मंगलवार को एक बार फिर से हुई बर्फबारी से पूरी घाटी सफेद चादर से ढक गई। इससे देश के बाकी हिस्सों से रेल, सड़क और हवाई संपर्क प्रभावित हुआ।अधिकारियों ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण कश्मीर के ज्यादातर हिस्सों में रात भर बर्फबारी हुई। श्रीनगर सहित मैदानी इलाकों में हल्की से मध्यम जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में मध्यम से भारी बर्फबारी हुई।
अधिकारियों ने बताया कि सोनमर्ग, गुलमर्ग और पहलगाम जैसे पर्यटन स्थल विंटर वंडरलैंड में बदल गए हैं। मध्य, उत्तरी और दक्षिणी कश्मीर के सभी जिलों में बर्फ पड़ी है। काजीगुंड और बनिहाल के बीच बर्फ जमा होने के कारण श्रीनगर-जम्मू नेशनल हाईवे को ट्रैफिक के लिए बंद कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि बर्फ हटाने का काम जारी होने के बावजूद हाईवे पर किसी भी ट्रैफिक को चलने की इजाजत नहीं दी जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि रेल सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं क्योंकि ट्रैक पर बर्फ जमा होने के कारण बनिहाल और बडगाम के बीच कुछ ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। इस बीच कश्मीर घाटी से आने-जाने वाला हवाई यातायात भी बाधित हुआ। श्रीनगर हवाई अड्डे पर रनवे पर बर्फ जमा होने के कारण उड़ान संचालन नहीं हो सका।
सड़क और हवाई यातायात में रुकावट के कारण कई लोग, खासकर पर्यटक फंस गए हैं। पुलिस और संबंधित जिलों के प्रशासन ने खराब मौसम की स्थिति के बीच जनता की मदद के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं और हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। मौसम विभाग ने कहा है कि मंगलवार शाम तक ज्यादातर जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश या बर्फबारी होने की संभावना है। साथ ही कुछ जगहों पर गरज, तेज हवाओं के साथ मध्यम से भारी बारिश या बर्फबारी हो सकती है। बुधवार को भी कुछ जगहों पर हल्की बारिश या बर्फबारी संभव है।
जम्मू-कश्मीर के 11 जिलों में हिमस्खलन की चेतावनी
जम्मू और कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (जेकेयूटीडीएमए) ने सोमवार को जम्मू और कश्मीर के 11 जिलों के लिए उच्च और मध्यम तीव्रता वाले हिमस्खलन की चेतावनी जारी की है। इसमें गांदरबल जिले में 2000 मीटर से ज्यादा ऊंचाई पर अधिक खतरे वाला हिमस्खलन होने की संभावना है जबकि कश्मीर संभाग के अनंतनाग, बांदीपोरा, बारामुला, कुलगाम और कुपवाड़ा और जम्मू संभाग के डोडा, किश्तवाड़, पुंछ, राजोरी और रामबन में 2000 मीटर से ज्यादा ऊंचाई पर मध्यम खतरे वाला हिमस्खलन होने की संभावना है। जेकेयूटीडीएमए ने कहा है कि यह चेतावनी मंगलवार शाम तक प्रभावी रहेगी।