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Srinagar: डल झील की दीवारों को खोखला कर रहे हैं चूहे... हादसे का खतरा, पिछले साल हो चुकी हैं दो दुर्घटनाएं

Mon, 05 Jan 2026 04:11 AM IST
दुष्यंत शर्मा अजीम यूसुफ, श्रीनगर

सार

बुलेवार्ड रोड पर सैर के लिए आने वाले लोगों और यहां शिकारे चलाने वाले नाविकों ने बताया कि काफी समय से सड़क और दीवारों के बीच छेद नजर आ रहे हैं।
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डल झील श्रीनगर, कश्मीर - फोटो : Adobe
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विस्तार
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कश्मीर के सबसे प्रमुख आकर्षणों में से एक श्रीनगर की डल झील की दीवारों को चूहों से खतरा है। जी हां, यह बात हम नहीं बल्कि सड़क और दीवार के बीच नजर आने वाले दर्जनों छेद कह रहे हैं। डल झील में शिकारे की सवारी, हाउस बोट में रहने के अलावा यहां घूमने के लिए रोज सैकड़ों पर्यटक आते हैं। वे डल किनारे दीवारों पर बैठकर फोटो भी खिंचवाते हैं। ऐसे में खोखली हुई जमीन पर खड़ी दीवारों के गिरने का खतरा बना हुआ है।

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बुलेवार्ड रोड पर सैर के लिए आने वाले लोगों और यहां शिकारे चलाने वाले नाविकों ने बताया कि काफी समय से सड़क और दीवारों के बीच छेद नजर आ रहे हैं। ये चूहों के बनाए गए बिलों के रास्ते हैं। झील के किनारे फेंके गए खाने के कचरे और बचे खुचे खाने से यह समस्या और बढ़ गई है, जो चूहों को आकर्षित करते हैं। इससे यहां उनकी संख्या बढ़ती जा रही है।

चूहे बढ़ने से बिलों की संख्या बढ़ी है और ये लगातार झील के किनारे फुटपाथ के नीचे की मिट्टी को कमजोर कर रहे हैं। चूहों ने गहरे बिल खोद दिए हैं और दिखाई देने वाले छेद और दरारें बन गई हैं। कटाव ने दीवारों की नींव को कमजोर कर दिया है जिससे पैदल चलने वाले रास्ते के कुछ हिस्से कमजोर और गिरने के कगार पर हैं। अनजाने में पर्यटकों के दबाव से कभी भी दुर्घटना हो सकती है। साथ ही व्यस्त सड़क पर वाहनों को भी खतरा हो सकता है।
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दो बार गिर चुकी है दीवार
डल के नाविक ने बताया कि दीवारों के कमजोर होने का पहला मामला नहीं है। घाट 17 के पास स्थिति खास तौर पर चिंताजनक है। यहां फरवरी 2025 में इसी तरह के कटाव के कारण फुटपाथ का एक हिस्सा गिर गया था। मरम्मत के लिए फुटपाथ का यह हिस्सा काफी समय बंद रहा था। बुलेवार्ड रोड पर डल झील की दीवार का एक हिस्सा सितंबर 2025 में गिर गया था, जिसकी अभी भी मरम्मत जारी है।

सफाई पर ध्यान देने की जरूरत
स्थानीय लोगों का कहना है कि डल के किनारे खाने के अस्थायी स्टॉल, ठेले और रेहड़ियां लगती हैं। पर्यटकों की सुविधा के लिए ठीक हो सकता है, लेकिन ये लोग खाने का कचरा और बचा खाना दीवारों के सहारे ही डाल देते हैं। यही समस्या की मूल वजह है। यहां चूहों को नियंत्रित करने के लिए गहन अभियान चलाया जाए। उनके भोजन के स्रोतों को खत्म करें और झील के किनारे बेहतर कचरा प्रबंधन किया जाना चाहिए। साथ ही कमजोर बिंदुओं की पहचान करने के लिए पूरी दीवार का व्यापक निरीक्षण किया जाए। अस्थायी मरम्मत के बजाय सीमेंट व अन्य मजबूत सामग्री का उपयोग करके पुनर्निर्माण किया जाए।

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