संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने जम्मू-कश्मीर बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन के चेयरमैन शेख गुलाम हसन से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में शामिल सदस्यों ने चेयरमैन से लंबित फाइलों के निपटारे की मांग की।
बैठक में निजी स्कूलों से जुड़े एफिलिएशन, जमीन और लीज डीड की दिक्कतों समेत कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पीएसए के प्रदेश अध्यक्ष बिलाल अहमद भट ने किया। इसमें सीनियर उपाध्यक्ष मंजूर अहमद राथर, महासचिव (संगठन) एम. सैयद वानी, निदेशक मीडिया एवं संचार डॉ. ओवैस मट्टू, कोषाध्यक्ष हिलाल अहमद खान और जिला अध्यक्ष बांदीपोरा डॉ. यासिर अहमद शामिल रहे। पीएसए अध्यक्ष बिलाल अहमद भट ने कहा कि निजी स्कूल जम्मू-कश्मीर के शैक्षिक ढांचे को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इन्हें पारदर्शी, समयबद्ध और सहयोगी प्रशासनिक तंत्र मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा निजी संस्थान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रोजगार और अकादमिक विकास में बड़ा योगदान दे रहे हैं। हमने चेयरमैन से एफिलिएशन और लंबित मामलों के जल्द निपटारे का आग्रह किया ताकि स्कूल बिना रुकावट चल सकें। सीनियर उपाध्यक्ष मंजूर अहमद राथर ने कहा कि जमीन और लीज डीड के पुराने मुद्दे कई स्कूलों की स्थिरता पर असर डाल रहे हैं। छात्रों का नुकसान नहीं होना चाहिए। महासचिव एमएस वानी ने मांग की कि जरूरी दस्तावेज पूरे करने के बावजूद जिलों के स्कूलों की फाइलें अटकी हैं। इनके लिए पारदर्शी और समयबद्ध सिस्टम बने।
निदेशक मीडिया डॉ. ओवैस मट्टू ने बैठक को सकारात्मक बताया। कहा कि शिक्षा क्षेत्र के विकास के लिए हितधारकों और अधिकारियों के बीच संवाद जरूरी है। कोषाध्यक्ष हिलाल अहमद खान ने कहा कि मंजूरी में देरी से संस्थानों पर वित्तीय और प्रशासनिक दबाव बढ़ता है। जिला अध्यक्ष बांदीपोरा डॉ. यासिर अहमद ने दूरदराज के स्कूलों के लिए विशेष ध्यान देने की मांग की। चेयरमैन शेख गुलाम हसन ने भरोसा दिया कि नियमों के तहत सभी जायज चिंताओं की जांच की जाएगी। कहा कि स्कूलों की जमीन का पूरा राजस्व ब्योरा मिलने के बाद जरूरी सिफारिशें तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी जाएंगी।