पिछले महीने पुलिस के हत्थे चढ़े कटारी (26) ने पूछताछ में बताया कि वह आतंकियों से चार बार मिला था और उन्हें एंड्रॉइड मोबाइल फोन का चार्जर उपलब्ध कराया था। यह चार्जर ही उसकी गिरफ्तारी का अहम सबूत बना।
जम्मू-कश्मीर पुलिस पहलगाम हमले में शामिल आतंकियों के मददगार मोहम्मद यूसुफ कटारी तक एक मोबाइल फोन चार्जर के जरिये पहुंची थी। पिछले महीने पुलिस के हत्थे चढ़े कटारी (26) ने पूछताछ में बताया कि वह आतंकियों से चार बार मिला था और उन्हें एंड्रॉइड मोबाइल फोन का चार्जर उपलब्ध कराया था। यह चार्जर ही उसकी गिरफ्तारी का अहम सबूत बना।
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अधिकारियों ने बताया, पहलगाम में 26 लोगों की गोली मारकर हत्या करने वाले सुलेमान उर्फ आसिफ, जिबरान व हमजा अफगानी तक महत्वपूर्ण रसद सहायता प्रदान करने के आरोप में कटारी को सितंबर के अंतिम सप्ताह में गिरफ्तार किया गया था। यह सफलता ऑपरेशन महादेव स्थल से मिले एक मोबाइल चार्जर और अन्य सामग्री के गहन फॉरेंसिक विश्लेषण के बाद मिली।
पुलिस ने मोबाइल फोन के आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए चार्जर की पड़ताल के बाद कटारी को जांच के दायरे में लिया। श्रीनगर पुलिस ने आखिरकार चार्जर के असली मालिक का पता लगाया और उसने फोन को एक डीलर को बेचने की पुष्टि की। इसी जानकारी के आधार पर पुलिस कटारी तक पहुंच गई।
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कटारी खानाबदोश बच्चों को पढ़ाता था। उसने हमलावरों को चार्जर मुहैया कराने व दुर्गम इलाकों में रास्ता बताने जैसी मदद की। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पहलगाम मामले में अब तक दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन पर आतंकियों की मदद का आरोप है।
तीन आतंकी हुए थे ढेर
कटारी ने पुलिस को बताया कि वह श्रीनगर शहर के बाहर जबरवान पहाड़ियों में पाकिस्तान के तीनों आतंकियों से चार बार मिला था। जुलाई में सुरक्षाबलों ने ऑपरेशन महादेव के तहत तीनों आतंकियों को जबरवान रेंज की तलहटी में ढेर कर दिया था।