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Srinagar News: सुरक्षा के साथ पुलिस पेश कर रही सेवा की मिसाल

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बालटाल यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की मदद कर रही गांदरबल पुलिस। संवाद
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- अमरनाथ यात्रियों के लिए मददगार बनी जम्मू-कश्मीर पुलिस, श्रद्धालु बोले-अपनों जैसा प्यार मिला
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- चलने में असमर्थ वृद्ध श्रद्धालुओं को पीठ और कंधों पर बैठाकर पहुंचा रहे मंजिल तक
अजीम यूसुफ
श्रीनगर। पवित्र अमरनाथ यात्रा पूरे भक्तिभाव और उत्साह के साथ रविवार को तीसरे दिन भी जारी रही। इस कठिन और चुनौतीपूर्ण यात्रा मार्ग पर तैनात जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवान न केवल सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं बल्कि अपनी संवेदनशीलता और सेवा भावना से मानवता का एक नया अध्याय लिख रहे हैं।
बालटाल और पहलगाम, दोनों ही रूटों पर पुलिसकर्मी दिन-रात यात्रियों की सेवा में मुस्तैद हैं। यात्रा के दौरान हो रही लगातार बारिश और दुर्गम पहाड़ी रास्तों के कारण श्रद्धालुओं, विशेषकर बुजुर्गों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में अनंतनाग और गांदरबल पुलिस के जवान सहारा बनकर सामने आए हैं।
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सोशल मीडिया से लेकर यात्रा मार्गों तक, पुलिसकर्मियों के वीडियो और तस्वीरें छाई हुई हैं जिसमें वे बीमार और बुजुर्ग तीर्थयात्रियों को अपने कंधों पर उठाकर चढ़ाई पार कराते और उनका भारी सामान उठाकर चलते नजर आ रहे हैं। इसके साथ ही वे यात्रियों के लिए पीने के पानी और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था भी संभाल रहे हैं।
पुलिस की मुस्तैदी का एक बड़ा उदाहरण बालटाल बेस कैंप पर देखने को मिला। छत्तीसगढ़ से आए श्रद्धालु रवि पंजवानी और उनकी पत्नी का एक बैग भारी भीड़ और अफरा-तफरी के बीच गुम हो गया था। इस बैग में आईफोन, नकदी, सोने के आभूषण और बेहद जरूरी दस्तावेज थे। पुलिस की सिक्योरिटी विंग ने तुरंत एक्शन लेते हुए सीसीटीवी फुटेज खंगाली और महज 30 मिनट के भीतर बैग को सुरक्षित ढूंढकर पीड़ित दंपति को सौंप दिया।


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पुलिस ने हमें परिवार जैसा अहसास कराया
बालटाल एक्स-रे पॉइंट पर भारी भीड़ की वजह से हमारा गहनों, पैसों और फोन वाला बैग गायब हो गया था। हमें लगा कि अब हमारी यात्रा खराब हो गई लेकिन जम्मू-कश्मीर पुलिस की सिक्योरिटी टीम ने सिर्फ आधा घंटे में हमारा बैग खोज निकाला। उनकी इस तत्परता के लिए हमारे पास धन्यवाद कहने को शब्द नहीं हैं।
- रवि पंजवानी, छत्तीसगढ़
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बेटे की तरह जवानों ने सामान उठाया
चढ़ाई के दौरान अचानक तेज बारिश शुरू हो गई और ठंड बढ़ गई। मेरे घुटनों में दर्द होने लगा और आगे बढ़ना नामुमकिन लग रहा था। तभी पुलिस के एक जवान ने आगे बढ़कर मेरा हाथ थामा, मुझे सहारा दिया और दूसरे जवान ने मेरा भारी बैग अपने कंधे पर उठा लिया। उन्होंने हमें बिल्कुल अपने परिवार के सदस्यों की तरह संभाला।
- रमेश शर्मा, मध्य प्रदेश


सुरक्षा और सेवा का ऐसा संगम कहीं नहीं देखा
हम पहली बार अमरनाथ यात्रा पर आए हैं। मन में सुरक्षा को लेकर थोड़ी झिझक थी लेकिन यहां आकर पुलिस का व्यवहार देखकर सब डर दूर हो गया। जवान हर मोड़ पर मुस्कुराकर मदद के लिए तैयार खड़े रहते हैं। रास्ते में पानी पिलाने से लेकर रास्ता दिखाने तक, उनका रवैया बेहद संवेदनशील है।
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- सुनीता देवी, उत्तर प्रदेश

अधिकारियों ने थपथपाई पीठ, कहा- सतर्कता और संवेदनशीलता ही हमारा लक्ष्य
जम्मू-कश्मीर पुलिस के अधिकारियों ने यात्रा ड्यूटी पर तैनात सभी पुलिसकर्मियों और सुरक्षा बलों के इस समर्पण की सराहना की है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सुरक्षा जांच को कड़ा रखने के साथ-साथ श्रद्धालुओं के प्रति बेहद संवेदनशील और मददगार रवैया बनाए रखें ताकि देश-विदेश से आने वाला हर एक यात्री इस आध्यात्मिक यात्रा के दौरान खुद को सुरक्षित और सम्मानित महसूस कर सके।
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