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Srinagar News: पीएम से ईरान में फंसे कश्मीरी छात्रों को वापस लाने की गुहार

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भावुक अभिभावकों ने वापसी सुनिश्चित कराने से पहले बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की मांग की
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अमृतपाल सिंह बाली

श्रीनगर। ईरान में फंसे कश्मीरी छात्रों के अभिभावकों ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से उनके बच्चों को वापस भारत सुरक्षित लाने की गुहार लगाई। भावुक अभिभावकों ने बच्चों की वापसी सुनिश्चित कराने से पूर्व उन्हें सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की भी मांग की।

अभिभावकों ने कहा कि कश्मीर के करीब 1500 छात्र-छात्राएं ईरान में फंसे हुए हैं। तेहरान में पूरे क्षेत्र को रेड जोन घोषित किया गया है। मोबाइल नेटवर्क न होने के कारण उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा। अभिभावक सुहेल अहमद ने बताया कि उनके दो बेटे ईरान में पढ़ते हैं। एडवाइजरी जारी होने के बाद एक बेटे को तो बुला लिया, दूसरे को यूनिवर्सिटी ने कॉलेज न छोड़ने के लिए कहा है। हमने प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री, उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री से उन्हें निकालने की अपील की है।
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अभिभावक मेहराजुद्दीन ने कहा कि किसी अन्य के जरिए बच्चे से बात हुई तो उसने बताया कि यहां का मंजर डराने वाला है। एयरपोर्ट बंद हैं तो बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाए। मोहम्मद अशरफ भट ने नम आंखों के साथ गुहार लगाते हुए कहा कि उनकी बेटी तेहरान में है। एडवाइजरी जारी होने के बाद से वह आने की कोशिश कर रही है। तेहरान से दिल्ली सप्ताह में एक ही उड़ान आ रही है। इसमें उसे जगह ही नहीं मिली। एक ही उड़ान होने के कारण सब छात्र एक साथ वापस कैसे आ सकते हैं। बच्चों को हवाई यात्रा का टिकट ही नहीं मिल पा रहा। प्रधानमंत्री मोदी से अपील है कि वह हमारे बच्चों को वापस लाएं।
भारतीय एम्बेसी ने भारतीय छात्रों को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट करना शुरू किया : जेकेएसए
जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (जेकेएसए) के राष्ट्रीय संयोजक नासिर खुएहामी ने बताया कि एयर स्ट्राइक से तेहरान सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। तेहरान में भारतीय एम्बेसी ने भारतीय छात्रों को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट करना शुरू कर दिया है। यह फैसला एहतियात के तौर पर लिया गया है। भारतीय एम्बेसी ने बसों की व्यवस्था की है। तेहरान के छात्रों को दूसरे शहर में रेलोकेट किया जा रहा है। हम छात्रों के साथ संपर्क में हैं। हम सुनिश्चित कर सकते हैं कि तेहरान में सभी छात्र सुरक्षित हैं। हम विदेश मंत्रालय और तेहरान में भारतीय एम्बेसी को उनके समय पर तालमेल, तेज जवाब और भारतीय छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार कोशिशों के लिए धन्यवाद देते हैं।

ईरान के उर्मिया में हवाई हमले हुए तेज, छात्र चिंतित : नासिर
जेकेएसए के राष्ट्रीय संयोजक नासिर खुएहामी ने बताया कि ईरान के उर्मिया में एयर स्ट्राइक तेज हुई हैं। हमने उर्मिया यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले कई कश्मीरी छात्रों से बात की है। वे डरे हुए और परेशान हैं। यह हमला उनके लड़कों की डॉरमेट्री से मुश्किल से 300 मीटर की दूरी पर हुआ। धमाके की जोरदार आवाज से पूरी बिल्डिंग हिल गई।
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छात्रों ने बताया कि उन्हें लगभग हर घंटे ऊपर से फाइटर जेट के गुजरने की आवाज सुनाई दे रही है। आस-पास के इलाकों में रहने वाले कई लोग शहर छोड़कर बाहरी इलाकों की ओर जा रहे हैं क्योंकि उन्हें डर है कि हालात और बिगड़ सकते हैं। हम विदेश मंत्रालय और तेहरान में भारतीय एम्बेसी से आग्रह करते हैं कि इन छात्रों को तुरंत सुरक्षित जगहों पर भेजा जाए। अर्मेनिया की उर्मिया से नजदीकी को देखते हुए सरकार इमरजेंसी ट्रांजिट वीजा या सेफ पैसेज अरेंजमेंट की सुविधा देने की संभावना भी देख सकती है। छात्रों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए तेजी से और मिलकर काम करना जरूरी है।
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