फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Srinagar News: पहलगाम की हसीन वादियों में डेढ़ माह में 44 हजार के करीब पर्यटक पहुंचे

विज्ञापन
पहलगाम में पर्यटक। संवाद
विज्ञापन
बर्फबारी की कमी के कारण पर्यटकों की संख्या कम रही लेकिन पर्यटन क्षेत्र के हितधारक हैं आशावादी
विज्ञापन

अमृतपाल सिंह बाली
श्रीनगर। दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पहलगाम की बायसरन घाटी में एक नवंबर से 17 दिसंबर की अवधि में 44 हजार के करीब पर्यटक पहुंचे। आतंकवादी हमले के बाद पटरी से उतरा हुआ पर्यटन एक बार फिर से रफ्तार पकड़ने लगा है।
पहलगाम डेवलपमेंट अथॉरिटी (पीडीए) के एक अधिकारी ने बताया कि 1 नवंबर से 16 दिसंबर 2025 तक पहलगाम आने वाले कुल आगंतुकों की संख्या 57,876 रही जिसमें 44,201 पर्यटक (835 विदेशी और 43366 देशी) और 13,675 स्थानीय आगंतुक शामिल थे।
विज्ञापन

काफी संख्या में पर्यटक अब पहलगाम की हसीन वादियों का रुख करने लगे हैं जिससे पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों को एक आस सी जगी है कि विंटर टूरिज्म अच्छा जाने की उम्मीद है। लेकिन इस बीच बर्फबारी का अब तक न होने जरूर एक चिंता का विषय बना हुआ है। हितधारकों के अनुसार बर्फबारी होने पर ज्यादा संख्या में पर्यटक कश्मीर का रुख करेंगे।
पिछले कई महीनों से सूना सा पड़ा पहलगाम आज चहल पहल का गवाह बन रहा है। पहलगाम में आई लव पहलगाम का बोर्ड पर्यटकों की सेल्फियों का गवाह बन रहा है। काफी संख्या में पर्यटक यहां रुक कर सेल्फियां ले रहे हैं और पहलगाम की यादों को अपने मोबाइल में कैद कर रहे हैं। पहलगाम एक ऐसा नाम जिसे यहां हुए हमले बाद से सुनने में पर्यटकों को खौफ महसूस होता था आज यहां की मेहमाननवाजी पर्यटकों में आत्मविश्वास पैदा कर रही है।
एक स्थानीय होटल के मैनेजर इफ्तिखार अहमद ने बताया कि पहलगाम हमले के बाद यहां होटलों में ऑक्यूपेंसी घट गई थी लेकिन आज उसमें काफी सुधार हुआ है। करीब 30 प्रतिशत वर्तमान में ऑक्यूपेंसी है जो पहले के मुकाबले काफी अच्छी है।
पहले वैष्णो देवी गए फिर यहां चले आए
इस बीच उदयपुर से पहलगाम घूमने आये एक पर्यटकों के समूह ने यहां की प्राकृतिक सुंदरता और मेहमाननवाजी की काफी सरहाना की। उदयपुर से आए राणा कुमावत ने कहा कि वह वैष्णो देवी के बाद सीधा यहां आए। घर वालों ने मना किया लेकिन हमारा मन था पहलगाम देखने का। कश्मीर में पहली बार आए और पहलगाम घूमने का मन था। उन्होंने कहा कि कश्मीर में अच्छी मेहमाननवाजी मिली। टैक्सी ड्राइवर हो, होटल स्टाफ हो या यहां के स्थानीय लोग हर किसी ने स्वागत किया और हर तरह की सहायता दी। अभी तक का यहां का अनुभव काफी बेहतरीन रहा है और ऐसा कुछ देखने को नहीं मिला जैसा कि कश्मीर को लेकर गलत कहा जाता है।
अगले साल इसी रास्ते से अमरनाथ यात्रा पर जाने की इच्छा है
उनके साथ आई मोनिका ने कहा कि काफी समय से कश्मीर घूमने का सोचा था लेकिन अचानक से अब प्लान बना। पहलगाम की वादियां, हसीन नजारे काफी दिल को खुश करने वाले हैं। उन्होंने कहा कि यहां से पवित्र अमरनाथ जी यात्रा का पारंपरिक रास्ता है और अगली बार मैं अमरनाथ जी की यात्रा भी इसी रास्ते से करना चाहूंगी। मोनिका ने कहा कि यहां ऐसा कुछ नहीं है और सभी को एक बार कश्मीर खासकर पहलगाम घूमने आना चाहिए। बता दें कि आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि पिछले करीब डेढ़ महीने से पर्यटकों की एक अच्छी खासी संख्या पहलगाम घूमने आई है। इसमें कई फिल्म और शूटिंग क्रू भी शामिल थे।
विज्ञापन

सभी को बर्फबारी का इंतजार
घाटी में अभी तक पहली भारी बर्फबारी नहीं हुई है जिससे कश्मीर का विंटर टूरिज्म धीमी गति से शुरू हुआ है क्योंकि लोकप्रिय जगहों पर होटल बुकिंग उम्मीद से कम है। हालांकि पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हितधारकों को उम्मीद है कि जैसे ही पहाड़ों और मैदानों पर बर्फ की चादर बिछेगी इस में तुरंत सुधार होगा। जम्मू और कश्मीर होटलियर्स क्लब के चेयरमैन मुश्ताक चाया ने कहा कि प्रमुख रिसॉर्ट्स में होटल ऑक्यूपेंसी फिलहाल कम है। उन्होंने कहा कि चाहे वह गुलमर्ग हो, पहलगाम हो या सोनमर्ग बुकिंग उम्मीद से कम है। एक बार बर्फबारी होने के बाद हमें यकीन है कि संख्या तेजी से बढ़ेगी। उन्होंने आगे कहा कि कश्मीर में विंटर टूरिज्म सीधे तौर पर बर्फबारी से जुड़ा हुआ है। चाया ने कहा कि उन्हें अच्छे विंटर सीजन की उम्मीद है। अब सिर्फ बर्फबारी का इंतजार है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें