गुरेज (बांदीपोरा)। ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा जिले में गुरेज घाटी से सटी नियंत्रण रेखा (एलओसी) के साथ सुरक्षाबलों ने अपनी चौकसी बढ़ाई हुई है। उन्होंने एलओसी पर स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए निगरानी, रात में गश्त और जमीन पर सैनिकों की तैनाती को और मजबूत किया है।
गुरेज सेक्टर जो एलओसी के सबसे संवेदनशील हिस्सों में से एक है में सेना ने आधुनिक नाइट-विजन उपकरणों, थर्मल इमेजिंग सिस्टम और लंबी दूरी के निगरानी उपकरणों का उपयोग करके निगरानी बढाई तेज कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि इसका उद्देश्य ऑपरेशनल तत्परता बनाए रखना और सीमा पर किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करना है। सुरक्षाबलों ने सीमावर्ती गांवों की ओर जाने वाले मुख्य रास्तों पर अतिरिक्त चौकियां भी स्थापित की हैं, जहां वाहनों की जांच और पहचान का सत्यापन पहले से कहीं ज्यादा सख्ती से किया जा रहा है।
सुरक्षा प्रतिष्ठान के सूत्रों ने बताया कि ये उपाय एहतियाती प्रकृति के हैं और एक व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं, जिसका उद्देश्य इस संवेदनशील दौर में एलओसी पर घुसपैठ की कोशिशों को रोकना और लंबे समय तक स्थिरता बनाए रखना है। सीमावर्ती इलाकों के स्थानीय निवासियों ने बताया कि स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है और सुरक्षाबलों की बढ़ी हुई मौजूदगी से उन्हें सुरक्षा का एहसास हुआ है। इसके चलते पर्यटक भी गुरेज घूमने आ रहे हैं।
गुरेज के एक निवासी मकबूल अहमद ने कहा कि हम सालों से अनिश्चितता के माहौल में जी रहे थे लेकिन अब स्थिति ज्यादा स्थिर लगती है। सुरक्षाबलों की मौजूदगी से हमें सुरक्षित महसूस होता है, खासकर रात के समय। और यही कारण है कि पर्यटकों ने एक बार फिर गुरेज का रुख करना शुरू किया है। एक पर्यटक विक्रम साहू ने कहा कि यहां पूरी तरह सुरक्षित महसूस हो रहा है। सुरक्षाबल हर जगह दिखाई देते हैं जिससे यात्रा आरामदायक और चिंता-मुक्त महसूस होती है। माहौल शांतिपूर्ण है। सुरक्षा व्यवस्था से सुरक्षा का मजबूत एहसास मिलता है और हमने बिना किसी चिंता के अपनी यात्रा का आनंद लिया।