श्रीनगर। कश्मीर स्कूल शिक्षा निदेशक (डीएसईके) नसीर अहमद वानी ने मंगलवार को बारामुला जिले में आयोजित परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024 रिपोर्ट के प्रसार कार्यशाला को संबोधित करते हुए स्कूलों में सीखने के परिणामों में सुधार के लिए डेटा-आधारित शैक्षणिक सुधारों की आवश्यकता पर जोर दिया।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत शुरू किया गया परख मूल्यांकन फ्रेमवर्क छात्रों के सीखने के स्तर और कक्षा प्रथाओं में महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि प्रदान करता है। बारामुला जिले ने पीआरएस 2024 में भागीदारी दर्ज की।
सभा को संबोधित करते हुए डीएसईके ने परख को रटंत शिक्षा से योग्यता-आधारित और परिणाम-उन्मुख शिक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव बताया। उन्होंने कहा कि मूल्यांकन निष्कर्षों को कक्षा स्तर पर ठोस सुधारों में बदलना चाहिए ताकि हर छात्र के लिए मापने योग्य शैक्षणिक प्रगति सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि मूल्यांकन डेटा कक्षा की वास्तविकताओं का स्पष्ट चित्र प्रदान करता है और शिक्षकों तथा प्रशासकों से अपील की कि वे इन अंतर्दृष्टियों को लक्षित शैक्षणिक कार्रवाई में बदलें। संवाद