हंदवाड़ा कन्वेंशन में नेकां ने राज्य का दर्जा और अधिकारों पर दिया जोर
संवाद न्यूज एजेंसी
कुपवाड़ा। राज्यसभा सदस्य और नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के सीनियर नेता चौधरी मोहम्मद रमजान ने शनिवार को कहा कि उनकी पार्टी अनुच्छेद 370 और 35-ए को बहाल करने की मांग पर कभी समझौता नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य का दर्जा न होने के कारण चुनी हुई सरकार बेबस है।
उन्होंने दोहराया कि नेकां संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीकों से अपना संघर्ष जारी रखेगी। हंदवाड़ा के शेख-उल-आलम एनवायरनमेंट हॉल में एक कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए चौधरी रमजान ने कहा कि राज्य का दर्जा और विशेष दर्जा बहाल करना पार्टी की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों को संसद में बार-बार उठाया गया है जो जम्मू और कश्मीर के लोगों की भावनाओं को दर्शाता है।
भाजपा पर निशाना साधते हुए नेकां नेता ने कहा कि सुशासन का मतलब सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार है और आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार में अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव हुआ है। उन्होंने सुशासन दिवस मनाने पर भी सवाल उठाया, और कहा कि शासन को न्याय और समानता के आधार पर मापा जाना चाहिए।
चौधरी रमजान ने कहा कि नेकां के नेतृत्व वाली सरकार वित्तीय दिक्कतों का सामना कर रही है लेकिन केंद्र से मंजूरी लेने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हाल ही में केंद्रीय वित्त मंत्री से मुलाकात कर विकास और कल्याणकारी उपायों के लिए वित्तीय पैकेज मांगे हैं।
राज्य के दर्जे पर एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी जिन्होंने आश्वासन दिया कि जम्मू और कश्मीर में स्थानीय शासन को मजबूत करने के लिए नीतियों की समीक्षा की जा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि गृहमंत्री अमित शाह के सकारात्मक जवाब के अनुसार 31 दिसंबर 2025 के बाद जल्द ही कोई सकारात्मक विकास हो सकता है।