फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नेकां में बगावत: फारूक की चुनौती मंजूर... रूहुल्ला 3 नवंबर को छोड़ेंगे संसद और पार्टी, 370 पर दी सीधी चुनौती

Sat, 29 Aug 2026 12:04 AM IST
Vijay Singh Pundir अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर

सार

डॉ. फारूक को लिखे दो पन्नों के पत्र में रूहुल्ला ने अपने बगावती तेवर में कहा, वह बिना किसी दबाव के खुद ही इस्तीफा दे देंगे, लेकिन इससे पहले पार्टी को अपने राजनीतिक रुख और वादों पर जवाबदेही तय करनी होगी।
विज्ञापन
रुहुल्लाह मेहदी - फोटो : बासित जरगर
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अनुच्छेद 370 की बहाली के मुद्दे पर नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के रुख से खफा श्रीनगर से सांसद आगा रूहुल्ला मेहदी पार्टी छोड़ेंगे। नेकां अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला की इस्तीफा देकर दोबारा चुनाव लड़ने की खुली चुनौती को सीधे तौर पर स्वीकार करते हुए रूहुल्ला ने ऐलान किया है कि वह तीन नवंबर को संसद और पार्टी दोनों छोड़ देंगे। साथ ही उन्होंने अनुच्छेद 370 पर पार्टी के बदलते रुख को लेकर नेतृत्व से जवाब मांगा है। कहा- मैं झूठ और फरेब का हिस्सा नहीं बन सकता।

विज्ञापन

डॉ. फारूक को लिखे दो पन्नों के पत्र में रूहुल्ला ने अपने बगावती तेवर में कहा, वह बिना किसी दबाव के खुद ही इस्तीफा दे देंगे, लेकिन इससे पहले पार्टी को अपने राजनीतिक रुख और वादों पर जवाबदेही तय करनी होगी। उन्होंने पुष्टि की है कि 3 नवंबर को वह लोकसभा अध्यक्ष और नेकां अध्यक्ष को औपचारिक रूप से अपना इस्तीफा भेज देंगे।

रूहुल्ला ने तुरंत इस्तीफा न देने का कारण स्पष्ट करते हुए कहा, औपचारिक रूप से इस्तीफा सौंपने से पहले मुझे कुछ जरूरी काम पूरे करने हैं। मुझे सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत फंड बांटना है। मैंने जम्मू-कश्मीर के संवैधानिक अधिकारों की बहाली के लिए लड़ने की अपनी कोशिशों के तहत श्रीनगर में एक सम्मेलन की योजना बनाई है। इसमें देश के कुछ सांसदों को आमंत्रित किया गया है।

इस्तीफे के लिए चुना पिता की बरसी का दिन
रूहुल्ला के लिए तीन नवंबर का दिन अहम है। इसदिन उनके पिता आगा सैयद मेहदी की 26वीं बरसी है। आगा मेहदी की आतंकियों ने आईईडी विस्फोट में हत्या कर दी थी। रूहुल्ला इस दिन अपने गढ़ बडगाम में एक बड़ी जनसभा करने की योजना बना रहे हैं। जनसभा में वे इस्तीफा पत्र जारी करेंगे और सांसद पद छोड़ने के कारण बताएंगे।

आरोप जड़ा... उमर ने छोड़ दी है पार्टी की विचारधारा
रूहुल्ला ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर पार्टी की विचारधारा छोड़ने और खत्म किए गए आर्टिकल 370 के तहत जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य दर्जे की बहाली के लिए लड़ने के अपने वादे से पीछे हटने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि इस्तीफा देने का फैसला इसलिए किया है क्योंकि हम झूठ और धोखे का हिस्सा नहीं बनना चाहते।

आगे क्या...श्रीनगर से लड़ेंगे निर्दलीय चुनाव
इस्तीफा देने के बाद रूहुल्ला की योजना सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस का मुकाबला करने और श्रीनगर सीट से ही उपचुनाव लड़ने की है। उन्होंने कहा, एक बार उपचुनावों की घोषणा हो जाने के बाद मैं लोगों से सलाह-मशविरा करूंगा और हो सकता है कि मैं निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर उपचुनाव लड़ूं।
विज्ञापन

कड़वी सच्चाई यह है कि हम अनुच्छेद 370 की भी मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि केवल राज्य का दर्जा मांग रहे हैं, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने भी माना है और भाजपा ने अपने घोषणापत्र में वादा किया था। इसका मतलब यह हुआ कि आज नेकां का रुख भाजपा से अलग नहीं रह गया है। -आगा रूहुल्ला मेहदी, नेकां सांसद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें