शब ए बरआत पर शाम को आयोजन से पहले बंद कराए श्रीनगर की जामिया मस्जिद के दरवाजे। संवाद
- शाम को अस्र की नमाज के बाद पुलिस ने बंद कराई जामिया मस्जिद, मीरवाइज ने जताया रोष
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। मीरवाइज मौलाना डॉ. उमर फारूक ने जम्मू-कश्मीर पुलिस पर मंगलवार शाम को अस्र की नमाज के बाद श्रीनगर की जामिया मस्जिद को बंद करने का आरोप लगाया। कहा कि जामिया मस्जिद में शब-ए-बरआत के कार्यक्रम के आयोजन पर पाबंदी लगा दी और नजरबंद कर दिया।
अंजुमन औकाफ जामा मस्जिद ने बताया है कि मंगलवार को अस्र की नमाज के तुरंत बाद पुलिस ने औकाफ अधिकारियों को श्रीनगर की जामा मस्जिद के गेट बंद करने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने मस्जिद में शब-ए-बरआत मनाने की अनुमति नहीं दी है। अंजुमन औकाफ से कहा गया कि पवित्र अवसर के लिए पहले से की गई तैयारियों के बावजूद यह सुनिश्चित किया जाए कि परिसर रातभर बंद रहे।
अंजुमन औकाफ ने गहरा दुख व्यक्त किया कि एक बार फिर एक महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर पर जामा मस्जिद में सामूहिक नमाज नहीं हो पाई और मीरवाइज को नजरबंद कर दिया गया है। यह 2019 से चले आ रहे पैटर्न का हिस्सा है जिसमें ऐतिहासिक मस्जिद में बड़े धार्मिक समारोहों की अनुमति नहीं दी जाती है। औकाफ ने कहा कि यह लोगों के धार्मिक अधिकारों में गंभीर दखलअंदाजी है।
वहीं मीरवाइज ने मंगलवार शाम को एक्स पर कहा कि जब पूरे क्षेत्र की मस्जिदें इस पाक रात में इबादत से जगमगा रही हैं तो श्रीनगर की जामिया मस्जिद निगरानी में बंद है। एक और बंदी, और मैं घर पर नजरबंद हूं। शब-ए-बरआत वर्ष 2019 से शुरू हुई उस लंबी सूची में शामिल हो गई है जब घाटी की सबसे बड़ी मस्जिद में नमाज को जबरदस्ती रोका गया है। कोई कारण नहीं बताया गया, बस बंद गेट और चुप्पी। जो लोग सामान्य स्थिति और नया कश्मीर का ढोल पीटते हैं, उन्हें इस विरोधाभास का जवाब देना चाहिए।
वहीं अंजुमन औकाफ ने भी अधिकारियों के इस रवैये की कड़ी निंदा की है और उनसे इस नीति पर पुनर्विचार करने और पवित्र अवसरों पर ऐतिहासिक जामा मस्जिद में शांतिपूर्ण धार्मिक सभाओं की अनुमति देने का आग्रह किया है।