फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वैश्विक खेल शक्ति बनने का हमारा रोडमैप हर युवा के सपने में साकार होना चाहिए : मांडविया

विज्ञापन
चिंतन ​शिविर में मनसुख मंडाविया। स्रोत आयोजक
विज्ञापन
-श्रीनगर में केंद्रीय खेल मंत्री ने कहा-खेलो भारत मिशन युवाओं की ऊर्जा और राष्ट्र की प्रतिबद्धता का प्रतिबिंब
विज्ञापन

-युवा मामले और खेल मंत्रियों के चिंतन शिविर की अध्यक्षता की

अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। केंद्रीय युवा मामले व खेल मंत्री डॉ.मनसुख मांडविया ने शनिवार को कहा कि वैश्विक खेल शक्ति बनने का हमारा 10 वर्षीय रोडमैप खेल के हर मैदान, हर युवा के सपने में साकार होते दिखना चाहिए। केंद्रीय मंत्री ने ये बातें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के युवा मामले एवं खेल मंत्रियों के दो दिवसीय चिंतन शिविर में शनिवार को कहीं।
यह शिविर श्रीनगर स्थित डल झील के किनारे शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (एसकेआईसीसी) में शुरू हुआ। इसमें देश के खेल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए समन्वित कार्रवाई, नीति अभिसरण और जमीनी स्तर पर बेहतर क्रियान्वयन पर विचार-विमर्श किया गया।
विज्ञापन


मांडविया ने कहा, भारत को वैश्विक खेल शक्ति बनाने का लक्ष्य केवल दस्तावेजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इस लक्ष्य की प्राप्ति केवल जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन से ही संभव है। राज्यों से अपील की कि वे नीति निर्माण से आगे बढ़कर सक्रिय कार्यान्वयन की दिशा में काम करें। कहा, खेलो भारत मिशन केवल एक योजना नहीं बल्कि देश के युवाओं की ऊर्जा और राष्ट्रीय प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

उन्होंने राज्य सरकारों और खेल संघों के बीच समन्वय को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि प्रारंभिक स्तर पर प्रतिभा की पहचान के लिए शिक्षा प्रणाली के साथ बेहतर तालमेल जरूरी है जिसमें शारीरिक शिक्षा शिक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
शिविर में पहुंचे एलजी मनोज सिन्हा ने भारत को खेल महाशक्ति बनाने के दृष्टिकोण की सराहना करते हुए इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों को सराहा। केंद्रीय मंत्री ने कहा, यदि कोई प्रतिभाशाली बच्चा अवसर के अभाव में पीछे रह जाता है तो यह केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि पूरे राष्ट्र की क्षति है। मजबूत और एकीकृत खेल विकास प्रणाली के लिए सभी हितधारकों के बीच घनिष्ठ समन्वय आवश्यक है।
उन्होंने कहा, खेल एक परिवर्तनकारी साधन के रूप में कार्य करते हैं विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर और अन्य चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में जो सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता में योगदान करते हैं। मांडविया ने प्रशिक्षकों के नियमित प्रमाणीकरण और उन्नयन, खिलाड़ियों के वैज्ञानिक प्रशिक्षण और खेल प्रशासन में क्षमता निर्माण का आह्वान किया। कहा, जब बुनियादी ढांचा, प्रतिभा पहचान और प्रशिक्षित मानव संसाधन एक अटूट कड़ी के रूप में एक साथ आते हैं तो ओलंपिक पोडियम अपने आप ही प्राप्त हो जाएंगे। उन्होंने एक संरचित मार्ग के माध्यम से जमीनी स्तर की भागीदारी को उच्च स्तरीय प्रदर्शन से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया।
मांडविया ने ग्वालियर के लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान द्वारा कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए खेल में भागीदारी, खेल भावना और नेतृत्व को बढ़ावा देने के लिए कार्यक्रम का भी शुभारंभ किया। उन्होंने जोर दिया कि इस मॉडल को देश के विभिन्न क्षेत्रों में दोहराया जा सकता है ताकि भारत में एक सशक्त खेल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत और विकसित किया जा सके।

-


यह सभा चिंतन, संकल्प और नवीकृत प्रतिबद्धता का सामूहिक क्षण : खेल सचिव
-कई प्रमुख खेल हस्तियों ने भी शिविर में लिया भाग, विचार साझा किए

श्रीनगर। खेल सचिव हरिरंजन राव ने कहा कि यह सभा मात्र एक सम्मेलन नहीं है बल्कि यह चिंतन, संकल्प और नवीकृत प्रतिबद्धता का एक सामूहिक क्षण है।
चिंतन शिविर में पदक रणनीति, नीति समन्वय, स्वच्छ एवं सुरक्षित खेल और प्रतिभा पहचान एवं विकास पर केंद्रित विषयगत सत्र आयोजित किए गए। 15 से अधिक राज्य खेल मंत्रियों के साथ-साथ आदिल सुमारीवाला, अभिनव बिंद्रा, पुलेला गोपीचंद और गगन नारंग सहित कई प्रख्यात खेल हस्तियों ने चिंतन शिविर में भाग लिया और विचार साझा किए जो भारत के खेल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने और सहयोगात्मक नीतिगत संवाद को आगे बढ़ाने की दिशा में सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
विज्ञापन

विचार-विमर्श में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, कोचिंग प्रणालियों को बेहतर बनाने, केंद्र-राज्य समन्वय को बढ़ाने, नैतिक और सुरक्षित खेल वातावरण सुनिश्चित करने और स्कूलों, अकादमियों और विशिष्ट प्रशिक्षण केंद्रों में एकीकृत वैज्ञानिक, प्रौद्योगिकी-आधारित प्रतिभा विकास प्रणाली विकसित करने पर बल दिया गया। इन सत्रों में खेलों में निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए संरचित मार्ग और संस्थागत समन्वय के महत्व पर भी बल दिया गया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें