- मनोज सिन्हा ने बालटाल का दौरा किया, श्री अमरनाथ यात्रा की तैयारियों का लिया जायजा
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को गांदरबल के बालटाल में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च-स्तरीय बैठक की। उन्होंने श्री अमरनाथ यात्रा-2026 की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिवभक्तों का स्वागत सुरक्षित, आरामदायक और व्यवस्थित माहौल में किया जाए।
बैठक में श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड के सदस्य केएन राय, डीजीपी नलिन प्रभात, स्पेशल डीजी कोऑर्डिनेशन एसजेएम गिलानी, डॉ. मनदीप के भंडारी व अन्य अधिकारी शामिल हुए।उपराज्यपाल ने बुनियादी ढांचे, सुरक्षा उपायों और समग्र व्यवस्थाओं की समीक्षा की ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी तैयारियां पूरी हो गई हैं। उपराज्यपाल ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे सुनिश्चित करें कि सभी सुविधाएं मौजूद हों।
उपराज्यपाल ने कहा, मेरी प्राथमिकता है कि हर तीर्थयात्री इस आध्यात्मिक यात्रा का आनंद ले सके और एक बहुत ही समृद्ध और संतोषजनक अनुभव के साथ लौटे। यह पवित्र यात्रा आस्था और आपसी खुशी का पल है। मैं चाहता हूं कि व्यवस्थाओं में यह भावना दिखे और तीर्थयात्रियों का अच्छी तरह से ख्याल रखा जाए।
उपराज्यपाल ने सफाई-व्यवस्था, निकासी योजना, मौसम का पूर्वानुमान, तीर्थयात्रियों के लिए होल्डिंग एरिया, पार्किंग की सुविधा, लंगर, परिवहन, स्वास्थ्य सेवाएं, पीने का पानी और बिजली की आपूर्ति, जरूरी सामान का बफर स्टॉक, सड़क की मरम्मत, बाढ़ से बचाव के उपाय, आपदा प्रबंधन की तैयारी, पशुपालन सेवाएं, पंजीकरण काउंटर और अन्य जरूरी बुनियादी ढांचे से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
पंजीकरण काउंटर की संख्या बढ़ाई जाए
उपराज्यपाल ने पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को पूरी सतर्कता बरतने और सभी तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। यात्रियों के कुशल प्रबंधन के महत्व पर जोर देते हुए उपराज्यपाल ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे मौके पर पंजीकरण काउंटर की संख्या बढ़ाएं ताकि रजिस्ट्रेशन तेजी से हो सके और श्रद्धालुओं को इंतजार कम करना पड़े।
गांदरबल के डीसी ने पेश किया ब्योरा
गांदरबल के डिप्टी कमिश्नर ने सालाना यात्रा से पहले संबंधित विभागों की तैयारियों का पूरा ब्योरा पेश किया। गांदरबल के सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस ने बैठक में सुरक्षा योजना के बारे में जानकारी दी जिसमें कर्मचारियों की तैनाती, इलाके में सुरक्षा की मजबूती, निगरानी के उपाय, आवाजाही पर नियंत्रण, ट्रैफ़िक प्रबंधन और आपातकालीन स्थिति में कार्रवाई के तरीके शामिल थे।