कुलगाम। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत कार्य करने वाले मजदूरों ने मंगलवार को जिले में प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी लंबे समय से बकाया मजदूरी का तत्काल भुगतान करने की मांग की।
प्रदर्शनकारी मजदूरों ने आरोप लगाया कि 2018 से 2025 के बीच किए गए कार्यों की मजदूरी अभी तक नहीं दी गई है जिससे योजना पर निर्भर सैकड़ों परिवारों को गंभीर आर्थिक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। तख्तियां थामे और नारे लगाते हुए मजदूरों ने अधिकारियों से सभी बकाया राशि को बिना देरी के जारी करने की अपील की।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि संबंधित विभागों को बार-बार अपील करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं तो वे अपना आंदोलन और तेज करेंगे। अपने योगदान को रेखांकित करते हुए मजदूरों ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और मजदूरी भुगतान में देरी से रोजगार गारंटी योजना के मूल उद्देश्य को ही कमजोर किया जा रहा है।
इस बीच कुलगाम के सहायक आयुक्त विकास (एसीडी) बिलाल अहमद कमदाओ ने कहा कि सामग्री दायित्व के संबंध में केंद्र सरकार ने हाल ही में 6.40 करोड़ रुपये की राशि जारी की है जिसे तुरंत ब्लॉकों में वितरित कर दिया गया। उन्होंने जोड़ा कि केंद्र से जब भी फंड जारी होंगे, उन्हें बिना देरी के ब्लॉकों में पहुंचाया जाएगा। शेष बकाया भुगतानों की रिहाई को लेकर अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। संवाद