- किशनगंगा घाटी की गोद में इतिहास, संस्कृति और देशभक्ति का अनूठा संगम
- ऊंचा तिरंगा, हेरिटेज गैलरी और कैफे बनेंगे पर्यटकों के मुख्य आकर्षण, डीसी ने किया लोकार्पण
संवाद न्यूज एजेंसी
कुपवाड़ा। जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय पहचान को वैश्विक पटल पर लाने के उद्देश्य से बुधवार को फरकियान में भव्य केरन हेरिटेज सेंटर का लोकार्पण किया गया। डिप्टी कमिश्नर कुपवाड़ा अभिषेक शर्मा ने इस नवनिर्मित केंद्र का उद्घाटन करते हुए इसे सीमांत पर्यटन के विकास में एक बड़ा मील का पत्थर बताया।
इस दौरान उन्होंने जानकारी दी कि केरन की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है और इस साल लगभग 55 हजार पर्यटक इस सुरम्य सीमांत घाटी का दीदार करने पहुंचे हैं। लुभावनी किशनगंगा घाटी और घने चीड़ के जंगलों के बीच स्थापित यह हेरिटेज सेंटर इतिहास, संस्कृति, आतिथ्य और राष्ट्रभक्ति को एक साथ समेटे हुए है। केंद्र के मुख्य आकर्षणों में विशाल राष्ट्रीय ध्वज स्थल शामिल है, जहां गगनचुंबी तिरंगा लहरा रहा है। इसके साथ ही किलेनुमा प्रवेश द्वार, त्याग, सेवा, एकता व उच्चतर भूमि, मजबूत बंधन, एक महान भारत के प्रेरक संदेशों से सजी स्मारक दीवारें और सीमांत समुदायों के अदम्य साहस को समर्पित तोपखाने का प्रदर्शन आगंतुकों को आकर्षित कर रहा है।
हेरिटेज गैलरी और केरन कैफे देंगे नया अनुभव
केंद्र में बनाई गई विशेष हेरिटेज गैलरी पर्यटकों को केरन के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक सफर से रूबरू कराती है। इसके अलावा, फरकियान घाटी के मनमोहक नजारों के बीच स्थित केरन कैफे में सैलानी पारंपरिक कश्मीरी कहवा, कॉफी और स्थानीय व्यंजनों का लुत्फ उठा सकेंगे। डीसी अभिषेक शर्मा ने देशभर के पर्यटकों को केरन की प्राकृतिक छटा देखने का न्योता देते हुए कहा कि यह केंद्र केवल एक दर्शनीय स्थल नहीं, बल्कि स्थानीय भागीदारी और आजीविका के नए अवसरों का बड़ा जरिया बनेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल सीमावर्ती इलाकों को सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आर्थिक सशक्तिकरण के जीवंत केंद्रों में बदलने में कारगर साबित होगी।