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श्रीनगर: कश्मीरी पंडितों को व्हाइट कॉलर आतंकी बताकर हत्या की धमकी, यूएलसी का 40 दिन में छठा पत्र

Fri, 11 Sep 2026 06:34 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर

सार

आतंकी संगठन यूनाइटेड लिबरेशन काउंसिल (यूएलसी) ने बृहस्पतिवार को धमकी भरा पत्र जारी किया है। पिछले 40 दिनों के भीतर इस आतंकी गुट की यह छठी धमकी है।
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बुधवार को प्रदर्शन करने वाले कश्मीरी पंडित। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर में प्रधानमंत्री पुनर्वास पैकेज के तहत कार्यरत कश्मीरी पंडित कर्मचारियों की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल उठे हैं। आतंकी संगठन यूनाइटेड लिबरेशन काउंसिल (यूएलसी) ने बृहस्पतिवार को धमकी भरा पत्र जारी किया है। पिछले 40 दिनों के भीतर इस आतंकी गुट की यह छठी धमकी है।

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इस बार आतंकियों ने पत्र पर एके-47 के ग्राफिक के साथ प्रदर्शनकारी कर्मचारियों की तस्वीरें भी प्रकाशित की हैं। सभी को व्हाइट कॉलर आतंकी और गृह मंत्रालय समर्थित प्रदर्शनकारी बताया है। कश्मीरी पंड़ितों के ट्रांजिट कैंपों की तुलना इजराइली मॉडल की बस्तियों से करते हुए चेतावनी दी है कि तुम्हें गृह मंत्रालय भी नहीं बचा पाएगा।

धमकी भरे पत्र पर सोल्जर ऑफ रेजिस्टेंस के मीडिया कॉर्डिनेटर अहमद बिलाल का हस्ताक्षर है। पत्र में आतंकी संगठन ने दावा किया है कि उसके पास कर्मचारियों की लाइव लोकेशन, फोन नंबर, घर के पते, परिवार की पूरी जानकारी और दैनिक गतिविधियों का ब्योरा है। जब चाहें हमला कर सकते हैं। वहीं, पीएम पैकेज कर्मचारियों ने सरकार से सुरक्षा की गुहार लगाई है।
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चेतावनी भी दी है कि अगर 30 सितंबर तक सुरक्षा और सुरक्षित आवास नहीं दिए गए तो सामूहिक इस्तीफा देकर कश्मीर से पलायन करने काे मजबूर होंगे। पत्र में उन्हीं कर्मचारियों की तस्वीरें हैं, जिन्होंने बुधवार को श्रीनगर के प्रेस एन्क्लेव में अपनी सुरक्षा के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया था। कर्मचारियों ने सवाल उठाया है कि राहत आयुक्त कार्यालय व शिक्षा विभाग से हजारों कर्मचारियों का संवेदनशील डाटा आतंकवादियों तक कैसे पहुंचा।

सुरक्षा दें, नहीं तो इस्तीफा दे करेंगे पलायन
पीएम पैकेज के तहत कश्मीर में छह हजार से अधिक कश्मीरी पंडित तैनात हैं। आतंकी धमकी के बाद सभी सहमे हुए हैं। उन्होंने केंद्र सरकार और प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि 30 सितंबर तक सुरक्षित आवास और सुरक्षा मुहैया नहीं कराई गई तो वे एक अक्तूबर से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे। साथ ही सामूहिक रूप से इस्तीफा देकर घाटी छोड़ने के लिए मजबूर होंगे।

सुरक्षित ट्रांजिट फ्लैटों में शिफ्ट करने की मांग
सामाजिक कार्यकर्ता राकेश हांडू ने छह कश्मीरी पंडित कर्मचारियों की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की है। हांडू ने मांग की है कि धमकी देने वाले यूएलसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो। पत्र में जिन कर्मचारियों की तस्वीरें जारी हुई हैं, उन्हें तत्काल सुरक्षा दी जाए और डेटा लीक की उच्च स्तरीय जांच शुरू कराई जाए। 

कश्मीरी पंडित बेघर नहीं गलत तस्वीर पेश न करें
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास, सुरक्षा व धमकी को लेकर कहा कि घाटी में एक भी कश्मीरी पंडित कर्मचारी बेघर नहीं हैं। कुछ लोगों की ओर से भ्रामक तस्वीर पेश की जा रही है। प्रशासन द्वारा जहां-जहां भी इनके रहने की व्यवस्था की गई है, वहां किसी दूसरे के आवास नहीं हैं। जिन कर्मचारियों को अभी आवास नहीं मिले हैं या जो प्रतीक्षा सूची में हैं, उनके लिए नए आवास के निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। चरणबद्ध तरीके से आवंटन कर दिया जाएगा।

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