अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। क्राइम ब्रांच कश्मीर (सीबीके) की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (ईओडब्ल्यू) ने एक पूर्व पुलिस कर्मचारी के खिलाफ सरकारी नौकरी दिलाने का वादा करके और फर्जी अपॉइंटमेंट लेटर जारी करके कई लोगों को धोखा देने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है। आरोपी पर फर्जी दस्तावेजों और झूठे वादों का इस्तेमाल करके पीड़ितों से लगभग 23 लाख रुपये ठगने का आरोप है।
एक प्रवक्ता के अनुसार इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (ईओडब्ल्यू) ने सरकारी नौकरी दिलाने के बहाने भोले-भाले लोगों को धोखा देने और ठगी करने के आरोप में एक व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है। उन्होंने कहा गया है कि यह मामला इकोनॉमिक ऑफेंस विंग श्रीनगर को मिली एक लिखित शिकायत के बाद दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि आरोपी जो एक पूर्व पुलिस कर्मचारी है ने सरकारी नौकरी दिलाने का वादा करके धोखाधड़ी से लगभग 23 लाख रुपये की रकम इकट्ठा की। यह भी आरोप लगाया गया कि आरोपी ने फर्जी अपॉइंटमेंट लेटर जारी किए और फर्जी दस्तावेज दिए जिसमें फर्जी पहचान पत्र, लाइसेंस, अपॉइंटमेंट लेटर और मनगढ़ंत पुलिस और सीआईडी वेरिफिकेशन रिपोर्ट शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर क्राइम ब्रांच कश्मीर के इकोनॉमिक ऑफेंस विंग ने शुरुआती जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोप पहली नजर में सही पाए गए। जांच में पता चला कि आरोपी ने सरकारी नौकरी के झूठे वादों के तहत फर्जी जॉब ऑर्डर जारी करके शिकायतकर्ताओं की मेहनत की कमाई को योजनाबद्ध तरीके से ठगा था। मामले का संज्ञान लिया गया और रणबीर पीनल कोड (आरपीसी) की धारा 420, 467, 468 और 471 के तहत पुलिस स्टेशन इकोनॉमिक ऑफेंस विंग, श्रीनगर में मामला दर्ज किया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है।