- 2023 के मामले में जांच पूरी, आरोपी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। क्राइम ब्रांच की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) कश्मीर ने बडगाम के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में महत्वपूर्ण चार्जशीट पेश की है। एफआईआर सरकारी हाउसिंग कॉलोनी ओमपोरा, बडगाम में प्लॉट नंबर 1165 (30×50 फीट) से संबंधित धोखाधड़ी, जालसाजी और जाली दस्तावेजों के इस्तेमाल के आरोपों पर दर्ज की गई थी।
एक महिला शिकायतकर्ता ने लिखित शिकायत दर्ज कराई थी जिसमें उन्होंने दावा किया कि उन्होंने मूल आवंटी से वैध पावर ऑफ अटॉर्नी की शृंखला के माध्यम से इस प्लॉट पर वैध स्वामित्व प्राप्त किया है लेकिन एक अन्य व्यक्ति ने अलग दस्तावेजों के आधार पर उसी प्लॉट पर मालिकाना हक का दावा किया जिससे धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश का संदेह हुआ।
ईओडब्ल्यू कश्मीर ने इस शिकायत पर गहन जांच शुरू की। जांच के दौरान शिकायतकर्ता, मूल आवंटी सतीश कुमार शर्मा तथा अन्य संबंधित व्यक्तियों के बयान दर्ज किए गए। बडगाम के सब-रजिस्ट्रार कार्यालय और जम्मू के सब-रजिस्ट्रार-4, द्वितीय अतिरिक्त मुंसिफ से आधिकारिक सत्यापन कराया गया जिसमें यह साबित हुआ कि आरोपी के पक्ष में कथित तौर पर 2010 में बनाई गई अपरिवर्तनीय जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी कभी भी आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हुई।
मूल आवंटी ने स्पष्ट रूप से ऐसे किसी दस्तावेज को निष्पादित करने या उल्लिखित पते पर रहने से इन्कार किया। जांच में पाया गया कि आरोपी गुलाम मोही-उद-दीन डार पुत्र मोहम्मद शबान डार, निवासी नौगाम बाईपास श्रीनगर ने जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल कर प्लॉट पर मालिकाना हक का दावा किया और आगे लेन-देन किए। जम्मू-कश्मीर हाउसिंग विभाग से पुष्टि के बाद शिकायतकर्ता को ही वैध मालिक माना गया। इसके आधार पर ईओडब्ल्यू ने धारा 420, 467, 468 और 471 आईपीसी के तहत प्रथम दृष्टया मामला साबित होने पर सक्षम अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है।