श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने सूचना के अधिकार के तहत फाइल की गई अपीलों का निपटारा न करने के आरोप पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।
चीफ जस्टिस अरुण पल्ली और जस्टिस राजेश ओसवाल की एक डिवीजन बेंच शुक्रवार को बारामुला जिले के रहने वाले जुनैद जाविद की फाइल की गई एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें केंद्र शासित प्रदेश में आरटीआई एक्ट को पूरी तरह से लागू करने के लिए निर्देश मांगे गए हैं।
अपनी याचिका में जाविद ने आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर में अलग-अलग पब्लिक अथॉरिटी और सेंट्रल इन्फॉर्मेशन कमीशन के सामने कई आरटीआई एप्लीकेशन और पहली अपील 45 दिनों की कानूनी समय सीमा से ज्यादा समय से पेंडिंग हैं।
सुनवाई के दौरान बेंच को भारत के डिप्टी सॉलिसिटर जनरल टीएम शमशी ने बताया कि सेंट्रल इन्फॉर्मेशन कमीशन की ओर से पेश हुए रजिस्ट्रार ने मामले की जानकारी के लिए समय मांगा है। इस बात पर ध्यान देते हुए कोर्ट ने मामले की सुनवाई 23 फरवरी तक के लिए टाल दी। संवाद