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Srinagar News: कश्मीर युवा इंजीनियर ने विकसित किया जीवन-रक्षक सुरक्षा उपकरण

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अनंतनाग के जाहिद बशीर। संवाद
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- करंट लगने की घटनाओं से बचने के लिए बनाई डिवाइस और एप
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संवाद न्यूज एजेंसी
अनंतनाग। कश्मीर घाटी में बार-बार हो रही करंट लगने की घटनाओं खासकर बिजली विकास विभाग के कर्मचारियों की जान जाने की घटनाओं से व्यथित होकर दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के एक युवा इंजीनियर ने एक जीवन-रक्षक सुरक्षा उपकरण विकसित किया है। इसका उद्देश्य घातक विद्युत हादसों को रोकना है।


अनंतनाग के क्रालपोरा हमलेट निवासी जाहिद बशीर इस्लामिक यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी से कंप्यूटर साइंस में बीटेक स्नातक हैं। उन्होंने यह सुरक्षा डिवाइस तैयार की है जो विद्युत सुरक्षा को बेहतर बनाने और जानलेवा करंट लगने के खतरे को कम करने में मदद करेगी।
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जाहिद ने बताया कि यह प्रणाली दो मुख्य हिस्सों पर आधारित है। एक हार्डवेयर डिवाइस और दूसरा उसे नियंत्रित करने वाला मोबाइल एप्लिकेशन। उन्होंने कहा कि एप्लिकेशन में कई मॉड्यूल हैं जिनमें एक सार्वजनिक रिपोर्टिंग या शिकायत (ग्रिवांस) सेक्शन भी शामिल है।



उन्होंने बताया कि जब आम लोग किसी बिजली लाइन में खराबी देखते हैं और उसे एप्लिकेशन के माध्यम से रिपोर्ट करते हैं तो डिवाइस तुरंत अलर्ट हो जाती है। इसके बाद संबंधित अधिकारी उस क्षेत्र में एक लाइनमैन को तैनात कर सकते हैं। सिस्टम लाइनमैन की ड्यूटी के दौरान उसकी निगरानी करता है और जब खराबी दूर हो जाती है तो केवल वही लाइनमैन एप्लिकेशन में लॉग-इन कर यह सूचना दे सकता है कि लाइन अब पूरी तरह से चालू है। इसके बाद डिवाइस पर हरा संकेत (ग्रीन सिग्नल) दिखाई देता है।



जाहिद के अनुसार आम जनता केवल शिकायत या रिपोर्ट दर्ज कर सकती है जबकि एप्लिकेशन के अन्य सभी हिस्सों तक पहुंच केवल अधिकृत अधिकारियों को ही दी गई है। उन्होंने कहा कि एप्लिकेशन में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन की सुविधा है और इसे किसी भी अनधिकृत व्यक्ति द्वारा एक्सेस नहीं किया जा सकता।



उन्होंने बताया कि एप्लिकेशन में एक शिकायत निवारण विकल्प भी है जिसके तहत उपयोगकर्ता लिखित शिकायत के साथ तस्वीरें भी अपलोड कर सकते हैं ताकि त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। जाहिद ने कहा कि इस डिवाइस के हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों हिस्सों को विकसित करने में उन्हें लगभग छह महीने लगे और इसके लिए सामग्री उन्होंने अपनी जेब से खरीदी।
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फिलहाल यह एक प्रोटोटाइप है और मैं इसे अपने घर में नियंत्रित कर रहा हूं,। उन्होंने यह भी बताया कि इस नवाचार के लिए उन्होंने मिशन युवा के तहत पेटेंट भी दाखिल किया है। आगे भी ऐसे कई नवाचार सामने लाए जाएंगे। इससे पहले मैं दम घुटने जैसी दुर्घटनाओं को रोकने से जुड़े उपकरण भी विकसित कर चुका हूं। जाहिद ने कहा, घाटी में नवाचार की अपार संभावनाएं हैं लेकिन जरूरत है तो केवल सरकार के उचित सहयोग और ऐसे विचारों को आगे बढ़ाने के लिए एक मजबूत मंच की आवश्यकता हैं ।
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