पुलवामा के त्राल में अवैध खनन। वीडियो ग्रैब
खेती और नदियों को हो रहा भारी नुकसान, 121 गांवों की रोजी-रोटी संकट में, तुरंत कार्रवाई की मांग
संवाद न्यूज़ एजेंसी
पुलवामा। दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के त्राल के लालागाम से लेकर डाडसरा तक के इलाके में धड़ल्ले से चल रहे अवैध खनन ने स्थानीय लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। अनियंत्रित रूप से हो रहे इस खनिज निष्कर्षण के कारण क्षेत्र के पर्यावरण को क्षति पहुंच रही है और प्राकृतिक संसाधन तेजी से नष्ट हो रहे हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस अवैध खोदाई से न केवल नदियों के तल बर्बाद हो रहे हैं बल्कि उपजाऊ कृषि भूमि और आसपास का पूरा पारिस्थितिकी तंत्र भी तबाह होने की कगार पर पहुंच गया है जिससे खेती-किसानी पर निर्भर हजारों परिवारों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
इस गंभीर स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए स्थानीय निवासी बशारत रशीद ने कहा कि अवैध खनन ने हमारी उपजाऊ जमीनों और जल स्रोतों को पूरी तरह खोखला कर दिया है। अगर प्रशासन ने इसे तुरंत नहीं रोका तो हमारी आने वाली पीढ़ियों के पास न तो पीने को साफ पानी बचेगा और न ही खेती के लिए जमीन।
मोहम्मद रमजान ने कहा कि हमारी पूरी जिंदगी इस खेती पर टिकी है और आज खनन माफिया के चलते 121 गांवों के किसानों का भविष्य अंधकार में लटक गया है। हम जिला उपायुक्त पुलवामा से इस मामले में व्यक्तिगत हस्तक्षेप की मांग करते हैं। इलाके के लोगों ने जिला प्रशासन और उपायुक्त पुलवामा से पुरजोर अपील की है कि इस पूरे मामले की तुरंत उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, अवैध रूप से काम कर रहे ऑपरेटरों पर कड़ा शिकंजा कसा जाए और खनन नियमों को सख्ती से लागू किया जाए।
ग्रामीणों ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि यदि इस तबाही को तुरंत नहीं रोका गया, तो पूरे त्राल क्षेत्र के पर्यावरण और कृषि को ऐसे दीर्घकालिक परिणाम भुगतने पड़ेंगे जिनकी भरपाई कभी नहीं हो सकेगी।