-उपराष्ट्रपति ने राष्ट्रीय कार्यक्रम की अध्यक्षता की, समावेशी और दूरस्थ शिक्षा पर दिया जोर
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (इग्नू) ने मंगलवार को 51 क्षेत्रीय केंद्रों पर 39वां दीक्षांत समारोह आयोजित किया। राष्ट्रीय समारोह की अध्यक्षता उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने की।
जम्मू-कश्मीर के लिए क्षेत्रीय दीक्षांत समारोह श्रीनगर के सरकारी डेंटल कॉलेज के ऑडिटोरियम में हुआ। इस दौरान स्कॉस्ट-कश्मीर के कुलपति नजीर अहमद गनई और प्रदेश सरकार के आयुक्त सचिव सौरभ भगत उपस्थित थे। क्षेत्रीय समारोह के दौरान शिक्षार्थियों को 344 डिग्रियां प्रदान की गईं जबकि श्रीनगर क्षेत्रीय केंद्र से कुल 10,989 छात्रों को डिग्रियां मिलीं।
अपने संबोधन में नजीर अहमद गनई ने शिक्षार्थियों को बधाई दी और सीखने के अवसरों का विस्तार करने में दूरस्थ शिक्षा की बढ़ती प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इग्नू जैसे संस्थानों ने भौगोलिक बाधाओं को दूर करने में मदद की है। यह संस्थान शिक्षा के विकसित हो रहे मॉडल में योगदान दे रहे हैं।
जम्मू-कश्मीर सरकार के सचिव सौरभ भगत ने शिक्षा तक पहुंच को बढ़ावा देने में इग्नू की भूमिका पर जोर दिया विशेष रूप से दूरदराज के क्षेत्रों में। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप सकल नामांकन अनुपात में सुधार करने में दूरस्थ और ऑनलाइन शिक्षा के महत्व को रेखांकित किया। इग्नू क्षेत्रीय केंद्र श्रीनगर के निदेशक डॉ एएच रिजवी ने बताया कि यह केंद्र 1999 से शिक्षार्थियों की सेवा कर रहा है। वर्तमान में कश्मीर और लद्दाख में 29 सक्रिय अध्ययन केंद्रों की देखरेख करता है। पिछले वर्ष विभिन्न कार्यक्रमों में 46,468 छात्रों ने नामांकन कराया था।
डॉ रिजवी ने स्नातक होने वाले छात्रों को अपने कौशल को निखारने और प्रतिस्पर्धी वैश्विक वातावरण में उभरते अवसरों, जिसमें उद्यमिता भी शामिल है, के अनुरूप खुद को ढालने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने बताया कि इग्नू के पूरे देश में कुल 57 क्षेत्रीय केंद्र हैं जो राष्ट्रव्यापी 200 से अधिक केंद्रों की देखरेख करते हैं। श्रीनगर स्थित केंद्र, कश्मीर और लद्दाख में मौजूद अपने 29 सक्रिय अध्ययन केंद्रों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने के लिए नोडल केंद्र के रूप में कार्य करता है।