फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Srinagar News: हाईकोर्ट ने तोड़फोड़ के नोटिस के खिलाफ याचिका खारिज की

विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर व लद्दाख के हाईकोर्ट ने बुधवार को एक महिला की ओर से दायर एक याचिका को खारिज कर दिया। इसमें जम्मू-कश्मीर झील संरक्षण और प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से कथित अवैध निर्माण के संबंध में जारी किए गए कारण बताओ नोटिस को चुनौती दी गई थी।
जस्टिस संजीव कुमार और जस्टिस संजय परिहार की खंडपीठ ने फैसला सुनाया कि यह याचिका समय से पहले (प्रिमैच्योर) दायर की गई थी। यह सुनवाई योग्य नहीं थी क्योंकि नोटिस में याचिकाकर्ता को केवल अपनी बात रखने का अवसर दिया गया था और इससे किसी भी मौजूदा अदालती आदेश का उल्लंघन नहीं हुआ था। याचिकाकर्ता ने 4 अप्रैल, 2026 के नोटिस को चुनौती देते हुए यह तर्क दिया था कि एक सिविल कोर्ट ने पहले ही अधिकारियों को उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना उस ढांचे को तोड़ने से रोक दिया था।
विज्ञापन

हालांकि हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी की कि कारण बताओ नोटिस जारी करना अपने आप में उस उचित प्रक्रिया का ही एक हिस्सा था जिसका पालन करने का निर्देश सिविल कोर्ट ने दिया था। पीठ ने याचिका में कोई दम न पाते हुए कहा, अधिकारियों ने कारण बताओ नोटिस जारी करके कानून की उचित प्रक्रिया का पालन करना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन

जवाब दाखिल करने के बजाय, याचिकाकर्ता सीधे इस कोर्ट में चली आई है। याचिका को खारिज करते हुए कोर्ट ने याचिकाकर्ता राजा बानो को यह छूट दी कि वह एक सप्ताह के भीतर उस नोटिस का जवाब दाखिल कर सकती हैं। कोर्ट ने संबंधित प्राधिकरण को निर्देश दिया कि वह उस जवाब पर विचार करे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें