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Srinagar News: भविष्य में खेती की झलक के साथ शुरू हुआ गोंगुल एग्रीटेक मेला

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स्कॉस्ट के कृ​षि मेले में फार्म फॉर फ्यूचर के स्टॉल पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला। संवाद
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- नेक्स्टजेन एग्रीकल्चर : मेरी उपज मेरी कीमत है थीम, 400 से अधिक स्टॉल लगाए
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- आधुनिक खेती, एआई के इस्तेमाल के साथ पशुओं की नस्ल सुधार पर भी फोकस
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। शेर-ए-कश्मीर यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी ऑफ कश्मीर (स्कॉस्ट-के) का गोंगुल 2026 एग्रीटेक मेला शनिवार को भविष्य में खेती की झलक के साथ शुरू हुआ। नेक्स्टजेन एग्रीकल्चर : मेरी उपज मेरी कीमत है थीम पर लगे इस मेले का उद्घाटन मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने किया।
14 से 16 फरवरी तक चलने वाले सूबे के सबसे बड़े कृषि मेले में स्थानीय और देशभर के आए प्रतिभागियों के 400 से अधिक स्टॉल लगे हैं। स्कॉस्ट-के स्टॉल पर एआई के इस्तेमाल के साथ नवाचार और आधुनिक खेती के तरीके दिखाए गए हैं। पशुओं की नस्ल सुधार पर भी फोकस किया गया है। कृषि मेले में अत्याधुनिक तकनीकों, उन्नत मशीनरी, उच्च गुणवत्ता वाली रोपण सामग्री और बीज, पशुओं की उन्नत नस्लों का स्टॉल लगाया गया।
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मेगा बायर सेलर मीट और एफपीओ कॉन्क्लेव, डॉग एंड पेट शो, भविष्य के लिए तैयार हरित समाधान पर स्मार्ट इंफ्रा शो, ब्रांड बिज 2.0 फेस्ट, फूड कार्निवल, स्टार्टअप और टेक शो, उद्योग प्रदर्शनी, जैविक और प्राकृतिक खेती की प्रदर्शनी, औषधीय और सुगंधित पौधों की प्रदर्शनी, बीज की प्रदर्शनी, मशरूम की प्रदर्शनी, केवीके उत्कृष्टता पर प्रदर्शनी, सब्जी की प्रदर्शनी, फलों की प्रदर्शनी, कृषि कला और शिल्प की प्रदर्शनी, फ्लॉवर शो, पशु व पौधे देखभाल और संरक्षण पर प्रदर्शनी, मेगा किसान-वैज्ञानिक संवाद आदि का आयोजन किया गया।


मुख्यमंत्री ने की तारीफ, बोले-इसकी बहुत जरूरत
एग्रीटेक मेले का उद्घाटन करने के बाद मुख्यमंत्री ने यूनिवर्सिटी कैंपस में एग्री-एंटरप्रेन्योर, नए और स्थापित स्टार्ट-अप द्वारा लगाए गए स्टॉल देखे। उन्होंने स्टॉल मालिकों से बातचीत की और उनके उत्पाद, स्टार्ट-अप, एंटरप्राइज और टेक्नोलॉजिकल इंटरवेंशन के बारे में पूछा। मुख्यमंत्री ने स्कॉस्ट की तारीफ करते हुए कहा कि उनके लगातार प्रयास इस क्षेत्र में खेती के भविष्य को आकार दे रहे हैं। साथ ही मॉडर्नाइजेशन और आर्थिक विकास के उद्देश्य से अलग-अलग सरकारी प्रोग्राम के तहत इनोवेशन को बढ़ावा दे रहे हैं। हमें ग्लोबल लेवल पर मुकाबला करने के लिए जम्मू और कश्मीर को अपने स्थानीय खेती के उत्पाद की क्वालिटी और क्वांटिटी दोनों को बढ़ाना होगा।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए टेक्नोलॉजी से चलने वाले और ऑर्गेनिक खेती के समाधान जरूरी हैं। गोंगुल जैसी पहल किसानों को एक्सपर्ट्स से बातचीत करने, नए टूल्स खोजने और नए मार्केट के मौकों तक पहुंचने के लिए एक जरूरी प्लेटफॉर्म देती है जिससे आखिरकार जम्मू और कश्मीर का खेती का इको सिस्टम मजबूत होता है। उन्होंने नए एग्री-एंटरप्रेन्योर्स और स्टार्ट-अप्स द्वारा लगाए गए नए डिस्प्ले खासकर खेती और सिंचाई में स्टूडेंट-लेड टेक्नोलॉजिकल समाधानों की तारीफ की। साथ ही महज 14 साल के सईद दानियाल के बोआई करने वाले रोबोट की तारीफ की और उन्हें शुभकामनाएं दीं।


स्कॉस्ट की जिम्मेदारी और बढ़ी : गनई
स्कॉस्ट कश्मीर के वाइस चांसलर प्रो. नजीर अहमद गनई ने अमर उजाला को बताया कि मुख्यमंत्री की तारीफ और अपेक्षा के बाद हमारी जिम्मेदारी और बढ़ गई है। हर साल किसानों को नई तकनीक और उन्नत नस्लों की जानकारी देने के अलावा स्कॉस्ट बेहतर बीज भी उपलब्ध कराता है। हमारा पूरा ध्यान इस बात पर है कि खेती में कम से कम लागत और मेहनत पर अधिक से अधिक लाभ लिया जा सके, तभी बाजार के मुकाबले में ठहर पाएंगे। अपने उत्पाद को विश्वस्तरीय और कम कीमत का बनाना होगा। इसके लिए तकनीक का ज्यादा से ज्यादा प्रयोग करना होगा। सभी वैज्ञानिक ढंग से खेती हो, साथ ही पर्यावरण का भी ध्यान रखा जाए।
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उद्घाटन के अवसर पर मुख्यमंत्री उमर के साथ मंत्री सकीना इत्तू, जावेद अहमद डार, स्कॉस्ट के वाइस चांसलर प्रो. नजीर अहमद गनई, रजिस्ट्रार प्रो. अजमत आलम खान, जीएमसी प्रिंसिपल डॉ. इफ्फत हसन, स्कॉस्ट की एक्सटेंशन एजुकेशन डायरेक्टर रेहाना हबीब कंठ, यूनिवर्सिटी के फैकल्टी मेंबर, साइंटिस्ट और एक्सपर्ट ने उद्घाटन सेशन में हिस्सा लिया। वहीं भाजपा नेता और वक्फ बोर्ड की चेयरपर्सन डाॅ. द्रख्शां अंद्राबी भी मेले में पहुंचीं।
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