- पनीर, दूध, दही समेत दूध उत्पादों की क्वालिटी परखी जाएगी, खामियों पर तीन नोटिस जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। खाद्य एवं औषधि प्रशासन जम्मू-कश्मीर ने केंद्र शासित प्रदेश भर में डेयरी विनिर्माण इकाइयों के खिलाफ सख्त निगरानी अभियान चलाया है। इसका मकसद लोगों को सुरक्षित, शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण दूध व दूध उत्पाद उपलब्ध कराना है।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीमों ने खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत 11 जिलों की 17 डेयरी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स का निरीक्षण किया। जांच किए गए जिलों में श्रीनगर, जम्मू, सांबा, कठुआ, पुलवामा, अनंतनाग, किश्तवाड़, बारामुला, बडगाम, बांदीपोरा और गांदरबल शामिल है।
निरीक्षण के दौरान खास तौर पर इन बातों पर ध्यान दिया गया:
- सफाई और स्वच्छता की स्थिति
- अच्छी स्वच्छता की आदतें का पालन
- खाद्य कर्मियों की व्यक्तिगत स्वच्छता
- उपकरणों की सफाई, भंडारण की स्थिति
- कानून के तहत तय खाद्य सुरक्षा मानकों का अनुपालन
34 सैंपल लैब भेजे गए
अभियान के दौरान दूध और दूध उत्पादों के 34 सैंपल जांच के लिए लिए गए:
- पनीर: 14
- दूध: 10
- दही: 8
- घी: 1
- आइसक्रीम: 1
इन सभी सैंपलों को अधिसूचित फूड टेस्टिंग लैब में भेजा गया है, ताकि पता चल सके कि वे खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं।
तीन यूनिट्स को सुधार नोटिस
निरीक्षण में खामियां पाए जाने पर 3 फूड बिजनेस ऑपरेटर्स को धारा 32 के तहत सुधार नोटिस जारी किए गए हैं। इन्हें तय समय में खामियां दूर कर खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
उपभोक्ताओं के लिए सलाह
एफडीए ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे दूध और दूध उत्पाद खरीदते समय सावधान रहें। अगर कोई असुरक्षित, मिलावटी या घटिया उत्पाद मिले तो इसकी शिकायत टोल-फ्री हेल्पलाइन 104 या ईमेल cfsjandk.fndjk.gov.in पर करें।