- प्रदर्शन के दौरान पहुंचे विधायक, अधिकारियों ने किया किसी विवाद से इन्कार
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदीपोरा। जिले के हाजिन सोनावारी क्षेत्र के लोग व किसान शनिवार को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतरे। यहां उन्होंने क्षेत्र में चल रहे बांध निर्माण को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सीमांकन प्रक्रिया के दौरान सरकारी चिन्ह उनकी निजी संपत्ति के अंदर लगा दिए गए हैं जिसको लेकर वह लोग काफी परेशान हैं।
किसानों ने स्पष्ट किया कि वे विकास परियोजनाओं विशेष रूप से रोजगार सृजन से जुड़े परियोजनाओं के खिलाफ नहीं हैं लेकिन उनकी निजी जमीन को क्यों प्रभावित किया जा रहा है जबकि उनके अनुसार इस तरह के निर्माण के लिए पर्याप्त वनों वाला क्षेत्र उपलब्ध है। उन्होंने डब्ल्यूयूसीएमए विभाग से अनुरोध किया कि वह निजी संपत्तियों पर कब्जा करने के बजाय कटाव कार्य के लिए अपने ही जंगल की भूमि का उपयोग करे।
स्थानीय लोगों ने कहा कि उनके क्षेत्र में सीमांकन चिन्ह आने व बाद में कटाव बढ़ाए जाने के बाद उनकी चिंता और बढ़ गई जिससे उन्हें यह अंदेशा लग रहा है कि उनके खेतों के बीच एक दीवार बनाई जा रही है। स्थानीय लोगों व किसानों ने नए सीमांकन की मांग की ताकि उनकी जमीन बच सके।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि वह अपनी जमीन किसी भी कीमत पर लेने की अनुमति नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि हमने किसी की जमीन पर कब्जा नहीं किया है यह हमारी रिकॉर्डेड निजी संपत्ति है जिसे राजस्व रिकार्ड से जांच की जा सकती है। उन्होंने विभाग के अधिकारियों से न्याय की मांग की है।
वहीं इस बीच वरिष्ठ अपनी पार्टी के नेता इम्तियाज पर्रें ने क्षेत्र का दौरा किया और प्रभावित किसानों व लोगों से बातचीत की। उन्होंने अधिकारियों से किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए काम को अस्थायी रूप से रोकने और नये सीमांकन को शुरू करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि वह वन क्षेत्रों में विकास के खिलाफ नहीं हैं यदि ऐसे प्रोजेक्ट्स को पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित किया जाए तो रोजगार सृजन भी हो सकता है। हालांकि उन्होंने यह जोर दिया कि विकास किसानों की जमीन और आजीविका की कीमत पर नहीं होना चाहिए।
वहीं संपर्क करने पर विभाग के अधिकारियों ने कहा कि निर्माण उच्च न्यायालय के आदेशों के आधार पर किया जा रहा है और यह भी कहा कि किसानों की भूमि के स्वामित्व को लेकर कोई विवाद नहीं है।