श्रीनगर। ऑपरेशन सिंदूर का एक साल पूरा होने की पूर्व संध्या पर शनिवार को एक बार फिर से कश्मीर की जनता के मन में कई सवाल उठने शुरू हो गए। यह सब तब शुरू हुआ जब सुबह के समय मोबाइल पर आपातकालीन चेतावनी प्रणाली की टेस्टिंग हुई और लोगों के मोबाइल पर तेज साइरन जैसे बजने शुरू हुए।
कई लोग इससे अवगत थे क्योंकि इससे पहले कई मोबाइल ऑपरेटरों ने चेतावनी संदेश एसएमएस की ओर भेजे गए थे लेकिन अधिकतर लोग इस टेस्टिंग के दौरान डर गए और उनमें चिंता का माहौल पैदा हो गया। बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर 6-7 मई 2025 की रात को भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान के खिलाफ किया गया एक सैन्य हवाई अभियान था।
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यह ऑपरेशन 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले जिसमें 26 लोग मारे गए थे के जवाब में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर और पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में आतंकी ढांचों को निशाना बनाने के लिए चलाया गया था। लेकिन उसके बाद से पाकिस्तान की ओर से ड्रोन हमले शुरू कर दिए थे जिसके दौरान उत्तरी कश्मीर के उड़ी और जम्मू संभाग के पुंछ में नुकसान उठाना पड़ा था।
स्थानीय मुश्ताक अहमद ने कहा कि जैसे ही फोन बजा तो हम एक जगह बैठे हुए थे जहां अन्य लोग भी थे। अधिकतर लोग डर से गए और एक दूसरे की ओर देखने लगे। इसके बाद अटकलें लगाने का दौर शुरू हुआ जिसमें लोग बोलने लगे कि शायद पाकिस्तान पर किसी बड़ी कार्रवाई के चलते ऐसी टेस्टिंग की गई है। बशारत शफी ने कहा कि मुझे घर से पारिवारिक सदस्यों के फोन आने लगे और पूछा कि यह क्या था। महिलाएं घबराई हुई थीं। मेहराजुद्दीन ने हैरानी जताई जब उनके फोन से एक जोरदार साइरन की आवाज आई। जब मैसेज आया तो मैं हैरान रह गया। मुझे इसके बारे में पता नहीं था। जब मेरे फोन से जोरदार आवाज आई तो मैं चौंक गया। फिर मैंने मैसेज पढ़ा और बात समझ में आई।