श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के पूर्व सदर-ए-रियासत डॉ. करण सिंह, अपनी बेटी डॉ. ज्योत्सना सिंह के साथ रविवार को चरार-ए-शरीफ की मशहूर दरगाह पर गए। डॉ. करण सिंह ने दरगाह पर चादर चढ़ाई और दान दिया। वहां के इमाम ने उनकी सेहत और भलाई के लिए दुआ की और बताया कि उनकी कई पीढ़ियां इस दरगाह पर आ चुकी हैं। उनमें से एक ने कहा कि मेरे पिता ने बेटे की दुआ करते हुए यहां हरा रिबन बांधा था और मेरे जन्म के बाद इसे खोलने के लिए फिर आए थे।
डॉ. करण सिंह पुनर्निर्मित जियारत देखकर खुश थे जो 1995 में दरगाह से जलने के बाद बनाई गई थी। उन्होंने कहा कि डॉ. फारूक अब्दुल्ला हाल ही में खीर भवानी दरगाह गए थे और वह खुद चरार-ए-शरीफ जा रहे थे। यह कश्मीर में कई सदियों से चली आ रही आपसी रवायत की साफ निशानी है। ब्यूरो