मेडिकल सुपरिंटेंडेंट ने जांच दिए जांच के आदेश, परिजन ने किया अस्पताल के बाहर प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। श्रीनगर के सरकारी लाल डेड अस्पताल (एलडीएच) में इलाज में कथित लापरवाही और देरी के कारण एक गर्भवती महिला के गर्भस्थ शिशु (इंट्रा-यूटेराइन डेथ) की मौत हो जाने का गंभीर मामला सामने आया है। मृतका का परिवार बांदीपोरा जिले का रहने वाला है और उसने अस्पताल प्रशासन व चिकित्सकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
परिजनों का आरोप है कि महिला को समय पर उचित चिकित्सा सुविधा नहीं दी गई जिसके चलते गर्भ में पल रहा शिशु नहीं बच सका। इस घटना से नाराज परिवार ने अस्पताल के बाहर प्रदर्शन भी किया और न्याय की गुहार लगाई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए लाल डेड अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है। समिति में डॉ. मेहराज-उद-दीन (एसोसिएट प्रोफेसर, गायनेकोलॉजी, एलडीएच श्रीनगर) डॉ. महमूना गुल (डीएमएस, एलडीएच श्रीनगर) डॉ. समीना बशीर (मेडिकल ऑफिसर, एलडीएच श्रीनगर) शामिल हैं। आदेश के अनुसार समिति को दो दिन के अंदर पूरी जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपनी है जिसके बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
परिजनों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि दोषी चिकित्सकों व कर्मियों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई हो और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों इसके लिए अस्पताल में जरूरी सुधार किए जाएं। यह मामला एक बार फिर जम्मू-कश्मीर के सरकारी अस्पतालों में प्रसूति विभाग की व्यवस्थाओं और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।