श्रीनगर। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण श्रीनगर ने रियासी जिले में लगभग 18 वर्ष पूर्व हुई एक ट्रैक्टर-ट्रॉली दुर्घटना में मारे गए एक कुशल मजदूर के परिवार को 32.54 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है।
अधिकरण के अध्यक्ष फयाज अहमद कुरैशी की अध्यक्षता वाली पीठ ने बीमा कंपनी को यह राशि 30 दिन के भीतर चुकाने का निर्देश दिया है। दावा याचिका के अनुसार देव राज नामक कुशल मजदूर ने 18 दिसंबर 2008 को अपने घर के निर्माण के लिए बजरी लाने हेतु एक ट्रैक्टर-ट्रॉली किराये पर ली थी। ट्रॉली में सवार होकर जा रहे देव राज के साथ जा रहे वाहन चालक ने लापरवाही और तेज रफ्तार से गाड़ी चलाई जिस कारण चासाना के पास जीरो मोड़ पर वाहन पर नियंत्रण खो दिया। ट्रॉली गहरी खाई में गिर गई जिसमें देव राज को गंभीर चोटें आईं और अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई।
इस घटना के बाद रियासी पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई थी। बीमा कंपनी ने दावा किया था कि देव राज वाहन में अनधिकृत रूप से यात्रा कर रहे थे और पॉलिसी में यात्रियों या सवारों के जोखिम को कवर नहीं किया गया था। कंपनी ने यह भी कहा कि वाहन मालिक से ऐसे यात्रियों के जोखिम के लिए कोई प्रीमियम नहीं लिया गया था।
अधिकरण ने बीमा कंपनी के इन तर्कों को खारिज कर दिया। अधिकरण ने माना कि दुर्घटना चालक की लापरवाही और तेज रफ्तार के कारण हुई थी। देव राज माल के मालिक के रूप में यात्रा कर रहे थे न कि मुफ्त यात्री के रूप में। बीमा कंपनी नीति शर्तों के उल्लंघन (जैसे ड्राइविंग लाइसेंस, परमिट या अनधिकृत यात्री) को साबित करने में विफल रही।
अधिकरण ने कहा कि बीमा पॉलिसी में शामिल जोखिम को कवर किया गया था और बीमा कंपनी को मालिक को क्षतिपूर्ति करने का कानूनी दायित्व है। अंततः अधिकरण ने याचिकाकर्ताओं देव राज की पत्नी, नाबालिग बेटी और तीन बेटों को कुल 32,54,000 रुपये का मुआवजा देने योग्य माना, साथ ही दावा याचिका दाखिल होने की तारीख यानी 4 मई 2016 से पूर्ण भुगतान तक 8% की दर से ब्याज 30 दिनो के भीतर भुगतान करना होगा। ऐसा न करने पर, निर्धारित समय समाप्त होने के बाद बकाया राशि पर 10% की दर से ब्याज लगेगा और इसे वसूला जा सकेगा। संवाद