अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। उपायुक्त अक्षय लाबरू ने सोमवार को जिला राजस्व अधिकारियों की एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य तहसील-वार प्रगति और राजस्व सेवाओं की त्वरित एवं समयबद्ध डिलीवरी का आकलन करना था। यह बैठक उपायुक्त कार्यालय परिसर के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित हुई, जिसमें कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में मीर इम्तियाज उल अजीज एडिशनल डिप्टी कमिश्नर श्रीनगर, आदिल फरीद एडिशनल डिप्टी कमिश्नर, इरफान बहादुर एसडीएम वेस्ट, जुबैर अहमद एसडीएम ईस्ट, उमर गुलजार असिस्टेंट कमिश्नर रेवेन्यू और सभी तहसीलदार और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में उपायुक्त ने डिजिटलीकरण प्रक्रिया में तेजी लाने और लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के लिए अधिकारियों और फील्ड कर्मचारियों के प्रयासों की तारीफ की। उन्होंने बाकी बचे कार्यों और सुधारों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने पर जोर दिया। बैठक में बताया गया कि श्रीनगर जिले में 137 गांव हैं, और प्रत्येक गांव का अपना जमाबंदी रिकॉर्ड है। इन सभी रिकॉर्ड्स को निर्दिष्ट पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
डिजिटल रिकॉर्ड की सटीकता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इन्हें गांवों में जाकर जनता के सामने पढ़कर सुनाया गया। निवासियों की शिकायतों को दर्ज करने के लिए हर गांव में रजिस्टर रखे जाएंगे। ऑनलाइन पोर्टल की समीक्षा करते हुए डीसी ने शिकायतों के त्वरित निवारण और लंबित मामलों को जल्द से जल्द निपटाने के निर्देश दिए।
उन्होंने पूरे जमाबंदी रिकॉर्ड को पीडीएफ फॉर्मेट में अपलोड करने पर भी जोर दिया। डीसी ने पीएम स्वामित्व योजना और मदर मैप्स के उप-पार्सलाइजेशन की प्रगति की समीक्षा की और इन्हें समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से पूरी निष्ठा और पेशेवर तरीके से काम करने को कहा ताकि जनता का राजस्व प्रशासन में विश्वास बढ़े।