श्रीनगर। सीएसआईआर-भारतीय समेकित चिकित्सा संस्थान श्रीनगर शाखा की ओर से मंगलवार क्वांटिटेटिव रियल टाइम पीसीआर पर तीन दिवसीय हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों, शोधार्थियों और प्रयोगशाला पेशेवरों को उन्नत आणविक जीवविज्ञान तकनीकों में व्यावहारिक दक्षता प्रदान करना है।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जीन अभिव्यक्ति विश्लेषण की पूरी प्रक्रिया को कवर करता है जिसमें सैंपल तैयारी से लेकर डेटा विश्लेषण तक की सभी महत्वपूर्ण तकनीकों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वर्चुअल संबोधन में सीएसआईआर-के निदेशक डॉ. जबीर अहमद ने महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह आधुनिक आणविक जीवविज्ञान में अत्यंत आवश्यक तकनीक है।
उन्होंने बताया कि इसका उपयोग ट्रांसक्रिप्ट की सटीक मात्रा मापने, जीनोमिक डेटा के सत्यापन तथा ट्रांसलेशनल रिसर्च और मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स में व्यापक रूप से किया जाता है। तीन दिवसीय पाठ्यक्रम में उच्च गुणवत्ता वाले पृथक्करण, संदूषण नियंत्रण, रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन तकनीक, प्राइमर डिजाइन,और प्रोब-आधारित केमिस्ट्री के चयन, उपकरण संचालन तथा डेटा विश्लेषण की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। संवाद