- राज्य का दर्जा बहाल करना संवैधानिक अधिकार, सभी दल जंतर-मंतर विरोध में शामिल हों
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। सीपीआई (एम) ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के आह्वान का स्वागत किया है। यह प्रदर्शन संसद के मानसून सत्र के पहले दिन जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर किया जाएगा।
सीपीआई एम के राज्य सचिव मोहम्मद अब्बास राथर ने सभी राजनीतिक दलों, संगठनों और नागरिकों से अपील की कि वे विचारधारा और संबद्धता से ऊपर उठकर इस साझा मुद्दे पर एकजुट हों। राथर ने कहा कि 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 और 35-ए को निरस्त कर राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया गया था। यह फैसला जम्मू और कश्मीर के हितधारकों से बिना किसी परामर्श के लिया गया और यह लोगों के अधिकारों पर अभूतपूर्व हमला था।
इसके उलट केंद्र सरकार ने 12 जुलाई 2024 को ट्रांजेक्शन ऑफ बिजनेस रूल्स में संशोधन कर उपराज्यपाल की कार्यकारी शक्तियों को और बढ़ा दिया। अब पुलिस, सार्वजनिक व्यवस्था और आईएएस, आईपीएस, आईएफएस अधिकारियों की तैनाती और तबादलों पर भी एलजी को अधिकार मिल गए हैं। राथर ने कहा कि इस कदम से चुनी हुई सरकार के अधिकार और कमजोर हुए हैं और जनादेश का उल्लंघन हुआ है। नेता ने कहा कि राज्य का दर्जा बहाल कराने के लिए एकजुट आवाज जरूरी है।
उन्होंने संविधान और संघवाद में विश्वास रखने वाले हर दल और नागरिक से अपील की कि वे प्रदर्शन में शामिल हों और स्पष्ट संदेश दें कि जम्मू कश्मीर के लोग राज्य के दर्जे पर एकजुट हैं। यह देश के संवैधानिक ढांचे के बड़े हित में है। राथर ने कहा इसमें किसी भी तरह की देरी लोगों में असंतोष और निराशा को और गहरा करेगी।