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एलडी अस्पताल एक्सटेंशन ब्लॉक का काम समय पर पूरा करें : उमर

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एलडी अस्पताल के एक्सटेंशन ब्लॉक के काम की प्रगति की समीक्षा करने पहुंचे मुख्यमंत्री उमर। स्रोत  - फोटो : Archive
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अमर उजाला ब्यूरो
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श्रीनगर। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को सरकारी लल देद (एलडी) अस्पताल में निर्माणाधीन एक्सटेंशन ब्लॉक का निरीक्षण किया और परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को कार्य में तेजी लाकर इसे निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नई सुविधा जम्मू-कश्मीर के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी। यह एक्सटेंशन ब्लॉक विशेष रूप से बांझपन और स्त्री रोग ऑन्कोलॉजी केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे महिलाओं और नवजात शिशुओं को उन्नत और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
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उन्होंने निर्माण कार्य की रणनीति, गुणवत्ता और समयबद्धता पर जोर देते हुए कहा कि इस परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार होगा और मरीजों को बेहतर उपचार सुविधाएं मिलेंगी। अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य की गति और गुणवत्ता का आकलन किया, महत्वपूर्ण सुविधाओं को बढ़ाने की समीक्षा की और समय-सीमा का पालन करने पर जोर दिया।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे गुणवत्ता के उच्चतम मानकों को बनाए रखते हुए परियोजना को तेजी से पूरा करना सुनिश्चित करें। उनके साथ उनके सलाहकार नासिर असलम वानी, सरकारी मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के प्रिंसिपल और डीन डॉ. (प्रो.) इफ्फत हसन, जीएमसी श्रीनगर के प्रशासक मोहम्मद अशरफ हकाक, एलडी अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट और पीडब्ल्यूडी (आरएंडबी) तथा जेकेईआरए कश्मीर के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री को परियोजना के बारे में जानकारी दी गई। इस परियोजना को पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा विश्व बैंक से वित्तपोषित झेलम तवी बाढ़ पुनर्प्राप्ति परियोजना (जेटीएफआरपी) के तहत लगभग 118.22 करोड़ की अनुमानित लागत से क्रियान्वित किया जा रहा है। इस सुविधा को जी+5+एटिक (करीब 6 मंजिला) संरचना के रूप में बनाया जा रहा है जिसका कुल निर्मित क्षेत्र लगभग 11,640 वर्ग मीटर है। इसमें उन्नत देखभाल के लिए लगभग 117 विशेष बिस्तर (65 वयस्कों के लिए और 52 शिशुओं के लिए) उपलब्ध होंगे।
अधिकारियों ने बताया कि इस केंद्र में अत्याधुनिक बुनियादी ढांचा होगा जिसमें मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू, एचडीयू, एनआईसीयू, प्रसव, डिलीवरी और रिकवरी (एलडीआर) सुइट्स, आईवीएफ प्रयोगशालाएं और उन्नत भ्रूण हस्तक्षेप सुविधाएं शामिल होंगी। ये सुविधाएं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनाए जाने वाले आधुनिक अस्पताल मानकों के अनुरूप होंगी।
परियोजना की संरचनात्मक मजबूती पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि इस इमारत को उन्नत ''''बेस आइसोलेशन तकनीक'''' का उपयोग करके विकसित किया जा रहा है। इसमें 43 ''''फ्रिक्शन पेंडुलम आइसोलेटर'''' लगाए गए हैं जो जोन-5 में उच्च भूकंपीय सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। डिजाइन और इंजीनियरिंग से जुड़े हिस्सों की जांच प्रमुख तकनीकी संस्थानों द्वारा की गई है, ताकि गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
काम की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री को बताया गया कि नींव का काम और ग्राउंड फ्लोर का ढांचा पूरी तरह से तैयार हो चुका है। बेस आइसोलेटर लगाने का काम काफी आगे बढ़ चुका है, जबकि प्री-इंजीनियर्ड बिल्डिंग (पीईबी) के ढांचे से जुड़ा काम कई जोन में चल रहा है। प्रमुख चिकित्सा उपकरणों के साथ-साथ मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल सिस्टम की खरीद का काम भी शुरू कर दिया गया है।
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मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों, विशेष रूप से स्वास्थ्य विभाग के बीच घनिष्ठ समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि धन का प्रवाह बिना किसी रुकावट के जारी रहे। समय पर मंजूरी और क्लीयरेंस मिलें और काम पूरा होने पर इस सुविधा का संचालन सुचारु रूप से हो सके। इस परियोजना के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि यह नई सुविधा स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने और पूरे जम्मू-कश्मीर में महिलाओं और नवजात शिशुओं को विशेष, सुलभ और उच्च गुणवत्ता वाली देखभाल प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगी।
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