- उमर अब्दुल्ला ने की इम्पार्ड कार्यकारी परिषद की 13वीं बैठक की अध्यक्षता
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को नागरिक सचिवालय में ''इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन एंड रूरल डेवलपमेंट'' (इम्पार्ड) की कार्यकारी परिषद की 13वीं बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने जम्मू-कश्मीर में संस्थागत क्षमता, प्रशासनिक उत्कृष्टता और सुशासन को मजबूत करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। बैठक में इम्पार्ड के कामकाज की व्यापक समीक्षा की गई और जम्मू-कश्मीर की सिविल सेवाओं के लिए इसे एक शीर्ष प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण संस्थान के रूप में विकसित करने के उपायों पर विस्तृत चर्चा हुई।
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य सचिव अटल डुल्लू, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव धीरज गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त) शैलेंद्र कुमार, सामान्य प्रशासनिक विभाग के आयुक्त सचिव एम. राजू, इम्पार्ड की महानिदेशक रेहाना बतुल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक की शुरुआत में महानिदेशक रेहाना बतुल ने संस्थान के कामकाज, जारी पहलों और भविष्य के रोडमैप का एक विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। इसके बाद उन्होंने कार्यकारी परिषद के समक्ष एजेंडा आइटम रखे, जिस पर परिषद ने गहन विचार-विमर्श के बाद आवश्यक निर्णय लिए।
कार्यकारी परिषद के अध्यक्ष के रूप में मुख्यमंत्री ने फैकल्टी सदस्यों की भर्ती, नए भर्ती नियमों को अंतिम रूप देने, प्रशिक्षण कार्यक्रमों की समीक्षा व उन्हें मजबूत करने और संस्थान के दीर्घकालिक विकास तथा स्थिरता के लिए आवश्यक सहयोग सहित कई महत्वपूर्ण संस्थागत मामलों पर चर्चा की। इसके अलावा परिषद ने कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों जैसे कल्याणकारी उपाय, प्रमुख पदों को भरने के लिए डेपुटेशन, प्रमोशन, सेवा मामले, अनुकंपा नियुक्तियां और नामित उप-समिति के माध्यम से सलाहकारों की नियुक्ति से जुड़े प्रस्तावों की भी समीक्षा की। परिषद का मानना है कि इन कदमों से संस्थागत ढांचे को मजबूती मिलेगी और कार्यप्रणाली में अधिक कुशलता आएगी।
एक पेशेवर और जवाबदेह सिविल सेवा को तैयार करने में इम्पार्ड की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने लोक प्रशासन में निरंतर संस्थागत सुधारों, उच्च गुणवत्ता वाले प्रशिक्षण और नवाचार की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने रेखांकित किया कि आधुनिक शासन ढांचे के लिए अच्छी तरह से प्रशिक्षित, प्रेरित और भविष्य के लिए तैयार लोक सेवकों की आवश्यकता होती है, जो उभरती चुनौतियों और नागरिकों की अपेक्षाओं पर प्रभावी ढंग से खरे उतर सकें। मुख्यमंत्री ने बदलते शासन तौर-तरीकों के अनुरूप प्रशिक्षण मॉड्यूल्स को नियमित रूप से अपडेट करने, तकनीक-आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने और मजबूत ज्ञान भागीदारी (नॉलेज पार्टनरशिप) स्थापित करने का आह्वान किया, ताकि सरकारी अधिकारी कुशल सार्वजनिक सेवा वितरण के लिए आवश्यक कौशल से पूरी तरह लैस रहें।