-कहा कि इससे इलाके में बिजली की दिक्कत कम होगी
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद चौधरी मोहम्मद रमजान ने सोमवार को अपनी पार्टी के उस प्रस्ताव का बचाव किया जिसमें नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन (एनएचपीसी) के पावर प्रोजेक्ट्स को वापस करने की मांग की गई थी। उन्होंने जलविद्युत परियोजनाएं प्रदेश को वापस करने की मांग उठाई।
पत्रकारों से बात करते हुए रमजान ने कहा कि एनएचपीसी की ओर से जम्मू-कश्मीर में नदियों पर बनाए गए कई पावर प्रोजेक्ट्स यूटी को वापस कर दिए जाने चाहिए। जिन प्रोजेक्ट्स में भारत सरकार ने पहले ही निवेश किया है और जिनसे सालों से रेवेन्यू मिल रहा है उन्हें अब हमें वापस कर देना चाहिए। हम बिजली की दिक्कत का सामना कर रहे हैं और इन प्रोजेक्ट्स को वापस लेने से इसे हल करने में मदद मिलेगी।
सांसद ने कहा कि मौजूदा व्यवस्था के तहत एनएचपीसी के प्रोजेक्ट्स से उत्पन्न होने वाली बिजली का सिर्फ 12 प्रतिशत यूटी को मिलता है जबकि बाकी 88 प्रतिशत बाहर दिया जाता है। उन्होंने आगे कहा कि जब भी एनएचपीसी हमारी नदियों पर कोई पावर प्रोजेक्ट लगाती है तो हमें उस बिजली का सिर्फ 12 प्रतिशत मिलता है। बाकी बाहर चला जाता है। हमारा मानना है कि जिन प्रोजेक्ट्स ने पहले ही अपना निवेश वसूल कर लिया है और अच्छा-खासा राजस्व कमाया है उन्हें अब जम्मू-कश्मीर को वापस ट्रांसफर कर देना चाहिए।
साथ ही एमपी ने कहा कि उनकी पार्टी केंद्र द्वारा नए जलविद्युत उपक्रमों में नए निवेश के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि हम भारत सरकार और एनएचपीसी से नए पावर प्रोजेक्ट्स लगाने की मांग करेंगे ताकि राज्य को फायदा हो लेकिन मौजूदा प्रोजेक्ट्स हमें वापस मिलने चाहिए।
अनुच्छेद 370 और 35-ए के मुद्दे पर रमजान ने कहा कि पार्टी इस मामले को संसद समेत हर उपलब्ध फोरम पर उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि जब भी हमें मौका मिला हमने लोकसभा और राज्यसभा दोनों में अनुच्छेद 370 के बारे में बार-बार बात की है। यह उस समय के महाराजा और भारत सरकार के बीच एक समझौते का हिस्सा था। पहले भी शक्तियों के कम होने को रोकने के बारे में बातचीत हुई थी और भरोसा दिया गया था।
विपक्ष के नेता की इस बात का ज़िक्र करते हुए कि अनुच्छेद 370 को हमेशा के लिए खत्म कर दिया गया है रमजान ने कहा कि यह उनका राजनीतिक एजेंडा है। हमारा अपना पॉलिटिकल एजेंडा है और हम इसे लोकतांत्रिक क तरीके से आगे बढ़ाते रहेंगे।
एमपी ने यूटी के बाहर कश्मीरी छात्रों और व्यापारियों से जुड़ी घटनाओं का भी जिक्र करते हुए कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री ने राज्यों को उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि कश्मीरी जहां भी पढ़ रहे हैं, व्यापार कर रहे हैं या काम कर रहे हैं उनकी सुरक्षा होनी चाहिए। उनके खिलाफ कोई भी घटना होने पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और कहा कि ऐसी घटनाएं निंदनीय हैं और दोबारा नहीं होनी चाहिए।