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Srinagar News: दो माह बाद भी नहीं खुला चाडूरा पुल, जान जोखिम में डाल नदी के रास्ते गुजर रहे लोग

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- स्थानीय निवासियों ने कहा, एक सप्ताह में किया गया था पुल की मरम्मत का दावा, जल्द काम पूरा करने की मांग
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। मध्य कश्मीर के बडगाम जिले में महत्वपूर्ण चाडूरा पुल को मरम्मत के लिए बंद किया गया है। दो महीने बीत चुके हैं और स्थानीय निवासियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें रोजाना आने-जाने के लिए जान जोखिम में डालकर नदी के रास्ते से गुजरना पड़ रहा है।
यह पुल चाडूरा को चरार-ए-शरीफ, यूसमर्ग और पुलवामा से जोड़ता है। बाढ़ से हुए नुकसान के बाद नवंबर के आखिर में इसे असुरक्षित घोषित कर दिया गया था। हालांकि जो मरम्मत एक सप्ताह में होनी थी वह महीनों तक खिंच गई है जिससे हजारों यात्री फंसे हुए हैं और गुस्से में हैं।
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मिली जानकारी के अनुसार वाहन और मोटरसाइकिल सवार एक अस्थायी रास्ते के तौर पर नदी को पार करते हैं जिससे हर दिन दुर्घटनाओं का खतरा रहता है। हालांकि पानी का स्तर कम हो गया है लेकिन रास्ता कीचड़ भरा, पथरीला और खतरनाक बना हुआ है। स्थानीय निवासी फिरदौस अहमद ने कहा कि हमें इस नदी से गुजरने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है क्योंकि कोई दूसरा रास्ता नहीं है। अगर हम इस रास्ते से बचते हैं तो हमें लंबी दूरी पैदल चलकर दूसरी सड़क से जाना पड़ता है जिससे फासला कई किलोमीटर बढ़ जाता है। कोई प्रशासनिक अधिकारी हालात देखने नहीं आया।
लोगों का कहना है कि मरम्मत में देरी ने एक अस्थायी असुविधा को रोजाना की परेशानी में बदल दिया है। खासकर मरीजों, छात्रों और व्यापारियों के लिए जो नियमित आवाजाही के लिए इस पुल पर निर्भर हैं। एक अन्य यात्री फिरदौस नजार ने बताया कि अधिकारियों ने कहा था कि पुल एक सप्ताह में खुल जाएगा। अब दो महीने हो गए हैं। बाड़ लगाने के बाद वे गायब हो गए हैं। अधिकारियों ने पहले कहा था कि पुल मरम्मत के बाद सक्षम अधिकारियों से मंजूरी मिलने के बाद ही खोला जाएगा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नवंबर से कोई भी काम नहीं किया गया।
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गौरतलब है कि नवंबर में अधिकारियों ने चाडूरा पुल को यातायात के लिए बंद करने का आदेश दिया था। विशेषज्ञों ने बाढ़ से हुए नुकसान के कारण इसे असुरक्षित घोषित कर दिया था। बाढ़ ने पुल के एक खंभे के आधार को हिला दिया था जिससे ढांचा वाहनों की आवाजाही के लिए असुरक्षित हो गया था और तत्काल मरम्मत की जरूरत थी। इस बीच एक जिला प्रशासन के अधिकारी ने कहा कि अधिकतर कार्य हो चुका है। कुछ काम अभी बाकी है। जल्द ही पुल लोगों को समर्पित कर दिया जाएगा।
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