गांदरबल। सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ कश्मीर के ओबीसी-एससी/ एसटी सेल ने मंगलवार को संविधान निर्माता पर विशेष व्याख्यान करवाया। डीन, छात्र कल्याण के सहयोग से तुलमुल्ला कैंपस में बीआर आंबेडकर और भारतीय लोकतंत्र की नैतिक नींव : स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व सामाजिक नैतिकता के रूप में’ विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया।
अपने मुख्य भाषण में सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ हिमाचल प्रदेश में समाजशास्त्र और सामाजिक नृविज्ञान के प्रोफेसर प्रो. अनिल कुमार ने डॉ. आंबेडकर के परिकल्पित सहयोगी जीवन के विचार पर जोर दिया। उन्होंने कहा लोकतंत्र एक संवाद है जहां आप तब भी सुनते हैं जब आप असहमत होते हैं। लोकतंत्र की जड़ें सामाजिक न्याय, स्वतंत्रता और गरिमा में होनी चाहिए न कि केवल कानूनी या प्रक्रियात्मक ढांचों में। स्वतंत्रता केवल औपचारिक अधिकारों तक ही सीमित नहीं होनी चाहिए बल्कि घरों, सड़कों और संस्थानों जैसे रोजमर्रा के स्थानों में लोगों के वास्तविक अनुभवों तक भी पहुंचनी चाहिए। संवाद