संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (कैट) ने एक टीचर की अर्जी खारिज कर दी है। टीचर ने स्वास्थ्य और पति के काम के आधार पर अनंतनाग से श्रीनगर में अंतर जिला ट्रांसफर की मांग की थी।
ज्यूडिशियल सदस्य एमएस लतीफ की बेंच ने कहा कि ट्रांसफर के मामलों में कोर्ट का दखल देने का दायरा सीमित होता है, जब तक कि कोई गलत इरादा या कानूनी नियमों का उल्लंघन साबित न हो जाए। अर्जी देने वाली टीचर जिसे मूल रूप से अनंतनाग में रहबर-ए-तालीम टीचर के तौर पर नियुक्त किया गया था, ने मेडिकल दिक्कतों और अपने पति की श्रीनगर में पोस्टिंग का हवाला देते हुए ट्रांसफर की मांग की थी। हालांकि, 2017 में उसे कुछ समय के लिए श्रीनगर में तैनात किया गया था लेकिन रिकॉर्ड से पता चला कि 2018 में उसे औपचारिक रूप से रिलीव कर दिया गया था और उसे अपनी मूल पोस्टिंग वाली जगह पर वापस रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया था।
ट्रिब्यूनल ने टीचर के खिलाफ विदेश में कथित तौर पर बिना इजाजत गैर-हाजिर रहने के मामले में दर्ज एफआईआर का भी संज्ञान लिया, हालांकि चल रही जांंच पर कोई टिप्पणी नहीं की। अर्जी खारिज करते हुए, ट्रिब्यूनल ने टीचर को अपनी शिकायतों के निवारण के लिए सक्षम अधिकारी से दोबारा संपर्क करने की छूट दी।