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Srinagar News: घाटी में विस्थापित कश्मीरी हिंदुओं को बसाने के लिए हर जिले में लगेंगे शिविर

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- शासन-प्रशासन ने कवायद की तेज, अब तक एक हजार परिवारों की संपत्ति को मुक्त कराया
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। कश्मीर के विस्थापित हिंदू परिवारों को वापस उनकी जमीन पर बसाने की कवायद तेज हो चुकी है। शासन प्रशासन अब तक करीब एक हजार परिवारों की जमीन को मुक्त भी करा चुका है। एक अप्रैल से कश्मीर के सभी जिलों में शिविर लगाकर कश्मीरी पंडितों की घर वापसी सुनिश्चित कराई जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार कश्मीर के विस्थापित हिंदुओं को वापस बसाने के लिए अप्रैल से हर जिले में शिविर लगेंगे। ये शिविर श्रीनगर में 1-2 अप्रैल, बडगाम में 6-7 अप्रैल, गांदरबल में 8-9 अप्रैल, बांदीपोरा में 10-11 अप्रैल, बारामुला में 15-16 अप्रैल, कुपवाड़ा में 17-18 अप्रैल, पुलवामा में 20-21 अप्रैल, शोपियां में 22-23 अप्रैल, अनंतनाग में 24-25 अप्रैल और कुलगाम में 27-28 अप्रैल को लगाए जाएंगे।
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अधिकारियों ने बताया कि इन शिविरों का लक्ष्य विस्थापित कश्मीरी हिंदुओं की संपत्ति से अतिक्रमण को हटवाना, उनकी हदबंदी सुनिश्चित बनाना और संपत्तियों को उनके असली मालिकों को दिलाना है। इसे अलावा म्यूटेशन और उत्तराधिकार से संबंधित मामलों को भी इनमें हल किया जाएगा। दस्तावेज की त्रुटियों का भी यहां समाधान निकाला जाएगा।
कश्मीर में 1989 में आतंक की आग ने लाखों कश्मीरी पंडितों को विस्थापित होने पर मजबूर कर दिया था। उनके घर, बाग और जमीन पर कब्जे कर लिए गए। दशकों बाद आज यह परिवार अपनी जमीन और ने घर को वापस पाने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारियों का दावा है कि विस्थापित कश्मीरी हिंदुओं की एक हजार संपत्तियों से अवैध कब्जे हटाए गए हैं। अभी यह प्रक्रिया जारी है।
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संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शिविर में मौजूद रहेंगे
विस्थापित कश्मीरी हिंदू लगातार स्थानीय अधिकारियों के खिलाफ शिकायतें कर रहे थे। कहीं उत्तराधिकार का मसला है और कहीं म्यूटेशन लटकी है। किसी को तमाम औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद अभी भी अपनी संपत्तियों का कब्जा नहीं मिल पाया है। आरोप था कि स्थानीय अधिकारी सहयोग नहीं कर रहे थे। इन मामलों के समाधान के लिए ही पहली अप्रैल से जिला स्तर पर शिविर लगाए जा रहे हैं। प्रत्येक शिविर में राजस्व व अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे और मौके पर समाधान मिलेगा।
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