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Srinagar Blast: नौगाम थाने में धमाके की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन, 14 नवंबर की घटना... पड़ताल शुरू

Fri, 21 Nov 2025 07:15 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर

सार

कमेटी ने घटना की जांच शुरू कर दी है। कमेटी का गठन गृह विभाग के प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में किया गया है।
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विस्फोट में क्षतिग्रस्त श्रीनगर के नौगाम पुलिस स्टेशन का दृश्य - फोटो : बसित जरगर
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विस्तार
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शासन ने नौगाम थाने में विस्फोट की जांच के लिए हाई लेवल कमेटी का गठन किया है। कमेटी ने घटना की जांच शुरू कर दी है। कमेटी का गठन गृह विभाग के प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में किया गया है।

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धमाका 14 नवंबर को हुआ था जब फोरेंसिक एक्सपर्ट जांच के लिए बरामद विस्फोटकों के बड़े जखीरे से सैंपल इकट्ठा कर रहे थे। घटना की जांच के लिए सरकार ने 16 नवंबर को हाई लेवल कमेटी बनाई थी। इसमें कश्मीर जोन के पुलिस इंस्पेक्टर जनरल, श्रीनगर के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट और सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी के सीनियर साइंटिस्ट भी शामिल हैं। कमेटी का काम अचानक हुए धमाके के हालात की जांच करना, अगर प्रक्रिया में कमी है तो उसे पहचानना और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उपाय सुझाना है।

कमेटी ने किया आगाह, न हों और न करें गुमराह
जम्मू कश्मीर पुलिस ने नौगाम धमाके के बारे में सोशल मीडिया पर चल रही खबरों पर कहा कि कई पोस्ट अंदाजे पर आधारित हैं और जनता को गुमराह कर रही हैं। पुलिस ने लोगों से कहा कि वे सिर्फ सत्यापित आधिकारिक सोर्स पर ही भरोसा करें और घटना के बारे में बिना सत्यापित सोशल मीडिया पर भ्रम न फैलाएं। उन्होंने यह भी दोहराया कि जांच जारी है और दोबारा ऐसा न हो इसके लिए सुरक्षा उपाय किए गए हैं।

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फिर किया साफ

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने फिर साफ किया है कि श्रीनगर के नौगाम थाने में हुए दुर्भाग्यपूर्ण आकस्मिक विस्फोट के संबंध में सोशल मीडिया पर विभिन्न रिपोर्ट और सामग्री दिखाई दे रही हैं। यह स्पष्ट किया जाता है कि ये अनुमान और जनता को गुमराह करने के प्रयास हैं। यह दोहराया जाता है कि 14 नवंबर 2025 को एक आकस्मिक विस्फोट हुआ था, जबकि फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला के विशेषज्ञों द्वारा फोरेंसिक जांच के लिए बरामद विस्फोटक के बड़े जखीरे से नमूना संग्रह की प्रक्रिया की जा रही थी। यह सूचित किया जाता है कि इस घटना के संबंध में सरकार द्वारा 16 नवंबर 2025 को गृह विभाग के प्रधान सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जा चुका है, जिसमें आईजी कश्मीर ज़ोन, जिला मजिस्ट्रेट श्रीनगर और केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला, भारत सरकार के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक शामिल हैं।
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