जम्मू-कश्मीर पुलिस ने फिर साफ किया है कि श्रीनगर के नौगाम थाने में हुए दुर्भाग्यपूर्ण आकस्मिक विस्फोट के संबंध में सोशल मीडिया पर विभिन्न रिपोर्ट और सामग्री दिखाई दे रही हैं। यह स्पष्ट किया जाता है कि ये अनुमान और जनता को गुमराह करने के प्रयास हैं। यह दोहराया जाता है कि 14 नवंबर 2025 को एक आकस्मिक विस्फोट हुआ था, जबकि फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला के विशेषज्ञों द्वारा फोरेंसिक जांच के लिए बरामद विस्फोटक के बड़े जखीरे से नमूना संग्रह की प्रक्रिया की जा रही थी। यह सूचित किया जाता है कि इस घटना के संबंध में सरकार द्वारा 16 नवंबर 2025 को गृह विभाग के प्रधान सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जा चुका है, जिसमें आईजी कश्मीर ज़ोन, जिला मजिस्ट्रेट श्रीनगर और केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला, भारत सरकार के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक शामिल हैं।